वंदे भारत में अधपका पराठा मिलने पर रेलवे का बड़ा एक्शन, केटरिंग कंपनी और फूड सेफ्टी एजेंसी पर भारी जुर्माना

ट्रेन में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर भारतीय रेलवे ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एक बार फिर त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। 16 अगस्त 2026 को ट्रेन संख्या 22435 बनारस-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक यात्री ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर खाने की खराब गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। यात्री ने अधपका पराठा दिए जाने का आरोप लगाते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को भी टैग किया था।

शिकायत मिलते ही ऑन-बोर्ड स्टाफ ने बदला खाना

सोशल मीडिया पर शिकायत सार्वजनिक होते ही रेलवे और आईआरसीटीसी प्रशासन हरकत में आ गया। ट्रेन में तैनात केटरिंग स्टाफ ने बिना किसी देरी के संबंधित यात्री से संपर्क साधा, उसकी समस्या को गंभीरता से सुना और तुरंत भोजन बदलकर देने की पेशकश की। रेलवे के इस त्वरित रिस्पॉन्स से यात्री को मौके पर ही तात्कालिक राहत पहुंचाई गई।

केटरिंग कंपनी पर 2 लाख और एजेंसी पर 20 हजार का जुर्माना

मामले की प्राथमिक जांच के बाद आईआरसीटीसी (IRCTC) ने भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही बरतने के लिए संबंधित ठेकेदार और एजेंसियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाए। आईआरसीटीसी ने केटरिंग का जिम्मा संभालने वाली कंपनी पर 2 लाख रुपये का भारी जुर्माना ठोका। इसके साथ ही, बेस किचन में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों की देखरेख करने वाली जिम्मेदारी एजेंसी पर भी 20,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

बेस किचन में बढ़ाई गई फूड सेफ्टी और निगरानी

रेलवे ने इस मामले को केवल जुर्माना लगाने तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। संबंधित बेस किचन में भोजन तैयार करने, उसकी हाइजीन जांचने और पैकिंग की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सख्त आदेश दिए गए हैं कि ट्रेनों में सप्लाई भेजने से पहले खाद्य सामग्री की न्यूट्रिशन और सेफ्टी जांच सुनिश्चित की जाए। इस त्वरित और असरदार कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता यात्री ने भी रेलवे की कार्यशैली पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया।

 

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