
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में 10 किलोग्राम अवैध सोने की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों की पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। नेपाल से भारत तक फैले इस बड़े नेटवर्क की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, तस्करों की शातिराना योजना देखकर अधिकारी भी हैरान हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने महज 90 दिनों के भीतर छह अलग-अलग खेपों में करीब 100 किलो सोना भारत की सीमा में दाखिल करा दिया था। इसके बाद इस खेप को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देश के कई अन्य राज्यों के बाजारों में खपाया जाता था।
हर चक्कर पर 1 से 2 लाख रुपये: सर्राफा कारोबारियों से जुड़े तार
कन्नौज में 10 किलो सोने के साथ दबोचे गए महराजगंज निवासी संदीप जायसवाल और नेपाल के सरोज पंथ से कस्टम विभाग व सुरक्षा एजेंसियां लगातार पूछताछ कर रही हैं। जांच में पता चला है कि खाड़ी देशों (Gulf Countries) से सोने की बड़ी खेप पहले नेपाल पहुंचाई जाती थी। इसके बाद सड़क मार्ग का इस्तेमाल कर इसे भारत की सीमा में लाया जाता था। इस नेटवर्क में कैरियर (माल पहुंचाने वाले) का काम करने वाले हर व्यक्ति को नेपाल की एक यात्रा के बदले 1 से 2 लाख रुपये का तगड़ा कमीशन दिया जाता था। आशंका जताई जा रही है कि इस खेल के तार कई बड़े सर्राफा कारोबारियों से भी गहराई से जुड़े हुए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए ‘नया सिम और फर्जी पहचान’
तस्करी के इस पूरे सिंडिकेट में बातचीत और संपर्क के लिए काफी सतर्कता बरती जाती थी। सोना देने वाला मुख्य सप्लायर हर बार कैरियर को एक नया और प्री-एक्टिवेटेड (फर्जी पहचान पर लिया गया) सिम कार्ड थमाता था। इन नंबरों का इस्तेमाल केवल डिलीवरी से जुड़ी बातचीत के लिए ही होता था। दिल्ली और यूपी के अन्य शहरों में मौजूद खरीदारों से केवल WhatsApp कॉल के जरिए संपर्क किया जाता था। जैसे ही डिलीवरी पूरी होती, उस सिम कार्ड को नष्ट कर दिया जाता था ताकि पुलिस या एजेंसियां लोकेशन ट्रेस न कर सकें।
4 घंटे के बॉर्डर पास पर 9 घंटे का रहस्य: एक कार ने खोला राज
इस तस्करी कांड में एक मारुति ब्रेजा कार की आवाजाही ने जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार 21 अगस्त को सुबह करीब 9:36 बजे महराजगंज के महेशपुर बॉर्डर से नेपाल में दाखिल हुई थी। कार के लिए नेपाल प्रशासन से केवल चार घंटे की समय सीमा का अस्थायी पास बनवाया गया था, लेकिन कार करीब साढ़े नौ घंटे बाद यानी शाम 7:00 बजे भारत वापस लौटी। समय के इस बड़े अंतर और देरी ने एजेंसियों का शक गहरा कर दिया, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए 10 किलो सोना जब्त किया गया। फिलहाल कस्टम विभाग दोनों आरोपियों के बयानों के आधार पर मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने के लिए छापेमारी कर रहा है।













