बेटा-बहू गए पार्टी में, फ्लैट में छिपे हत्यारे… लौटते ही मिला खून से सना शव ; कानपुर केस में कई सवाल

Kanpur Murder Case Medicine trader stabbed to death with 26 blows after intruders entered his flat in Kanpur

कानपुर। कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की शनिवार देर रात चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने कारोबारी पर 26 से ज्यादा वार किए। घटना के समय वह फ्लैट में अकेले थे। रविवार तड़के करीब चार बजे बेटा-बहू पार्टी से घर लौटे, तब वारदात का पता चला।

सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों की जांच की गई। फुटेज में दो संदिग्ध फ्लैट में दाखिल होते और कुछ देर बाद बाहर निकलते दिखाई दिए। पुलिस ने रविवार देर रात मुठभेड़ के दौरान दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों के पैर में गोली लगी है।

पूर्व कर्मचारी और उसका साथी गिरफ्तार

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरबंशमोहाल निवासी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, विशाल पहले विनीत मिनोचा की फर्म में काम कर चुका था।

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर कारोबारी की बहू के कहने पर हत्या करने की बात कही है। पुलिस अब इस दावे की जांच कर रही है। हत्या की असली वजह क्या थी और वारदात के पीछे कौन-कौन शामिल है, इसका पता लगाने के लिए बेटे-बहू समेत परिवार के अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

Kanpur Murder Case Medicine trader stabbed to death with 26 blows after intruders entered his flat in Kanpur

10 मिनट बाद फ्लैट में घुसे आरोपी

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि शनिवार रात करीब 9:36 बजे विनीत का बेटा सुब्रत अपनी पत्नी शालू और छह साल के बेटे के साथ फ्लैट से निकला था। इसके करीब 10 मिनट बाद यानी 9:46 बजे दो संदिग्ध अपार्टमेंट की गैलरी से फ्लैट में दाखिल होते दिखाई दिए।

बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी करीब सवा घंटे तक फ्लैट के अंदर छिपे रहे। रात 10:58 बजे विनीत अपनी फर्म से वापस फ्लैट पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कारोबारी के आने का इंतजार किया और इसके करीब आधे घंटे बाद हत्या कर वहां से निकल गए। CCTV फुटेज में दोनों को करीब 11:28 बजे फ्लैट से बाहर जाते देखा गया।

बेटे-बहू लिफ्ट से गए, आरोपी जीने से पहुंचे

जांच में यह भी सामने आया है कि सुब्रत, उनकी पत्नी और बेटा लिफ्ट से नीचे गए थे, जबकि दोनों आरोपी सीढ़ियों के रास्ते पहली मंजिल तक पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अपार्टमेंट के रजिस्टर में एंट्री भी नहीं की थी।

इससे पुलिस को शक है कि आरोपियों को कारोबारी और परिवार की गतिविधियों की जानकारी पहले से थी। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि आरोपियों को फ्लैट में प्रवेश और कारोबारी के लौटने की जानकारी किसने दी।

बहू पर लगाए गए आरोपों की भी जांच

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने दावा किया है कि हत्या के बदले उन्हें लाखों रुपये देने की बात कही गई थी। उन्होंने कथित तौर पर बहू के कहने पर वारदात करने की बात कबूली है।

हालांकि, पुलिस अभी इस दावे को पूरी तरह सही नहीं मान रही है। जांच अधिकारी आरोपियों के बयान की पुष्टि करने के लिए CCTV फुटेज, कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। बहू और बेटे से भी पूछताछ की जा रही है।

तीसरी चाबी का सवाल भी अहम

पुलिस के सामने एक बड़ा सवाल यह भी है कि आरोपी फ्लैट में इतनी आसानी से कैसे दाखिल हुए। बताया गया है कि फ्लैट के मुख्य गेट की दो चाबियां थीं। एक चाबी बेटे-बहू के पास रहती थी, जबकि दूसरी विनीत के पास थी।

ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपियों के पास फ्लैट की कोई अतिरिक्त चाबी थी या परिवार के बाहर जाने के बाद दरवाजा ठीक से लॉक नहीं हुआ था। पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि कहीं किसी करीबी ने आरोपियों को प्रवेश का रास्ता तो नहीं बताया।

फ्लैट में लगे थे कई CCTV कैमरे

विनीत मिनोचा ने अपने फ्लैट की सुरक्षा के लिए मुख्य गेट, डाइनिंग एरिया और किचन तक कैमरे लगवा रखे थे। अपार्टमेंट परिसर में भी CCTV कैमरों के साथ सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं।

इसके बावजूद आरोपी फ्लैट तक पहुंच गए और वारदात को अंजाम देकर निकल गए। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों को अपार्टमेंट की सुरक्षा व्यवस्था और कारोबारी की दिनचर्या की जानकारी कैसे थी।

ऐसे सामने आई वारदात

रविवार सुबह करीब 4:13 बजे सुब्रत अपनी पत्नी और बेटे के साथ घर लौटे। शालू जब किचन में पानी लेने गईं तो उन्हें कारोबारी के कमरे से बाहर की ओर खून आता दिखाई दिया। दरवाजा खोलने पर विनीत मिनोचा का शव फर्श पर पड़ा मिला।

परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के बाद CCTV फुटेज खंगाले गए और संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पॉश सोसाइटी में सुरक्षा पर उठे सवाल

रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में हुई हत्या के बाद सोसाइटी के लोगों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यह इलाका शहर के सुरक्षित और पॉश इलाकों में माना जाता है और यहां कारोबारी, उद्योगपति तथा अधिकारी रहते हैं।

घटना के बाद बड़ी संख्या में सोसाइटी के लोग मुख्य गेट पर जमा हुए और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, आरोपियों के मकसद और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है।

एक नजर में घटनाक्रम

  • 9:36 बजे: बेटा-बहू बच्चे के साथ फ्लैट से निकले।
  • 9:46 बजे: दो संदिग्ध फ्लैट में दाखिल हुए।
  • 10:58 बजे: विनीत मिनोचा फ्लैट में पहुंचे।
  • 11:28 बजे: दोनों आरोपी फ्लैट से बाहर निकले।
  • 4:13 बजे: बेटा-बहू घर लौटे और हत्या का पता चला।
  • रविवार देर रात: पुलिस ने दोनों संदिग्धों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया।

फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की पूरी वजह और कथित साजिश में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के बयानों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जा रही है।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha