
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मंच से भारत ने अपनी वैश्विक कूटनीति का परचम लहराते हुए ग्लोबल साउथ की आवाज को और मजबूत किया है। शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया, मलेशिया और वियतनाम के राष्ट्रध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं कीं। इन बैठकों का मुख्य केंद्र भारत के रक्षा उद्योग को बढ़ावा देना, सेमीकंडक्टर निर्माण, कैपेसिटी बिल्डिंग और बहुपक्षीय मंचों पर आपसी तालमेल को मजबूत करना रहा।
इथियोपिया और मलेशिया से मजबूत होंगे रक्षा संबंध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया और मलेशिया के प्रधानमंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठक कर द्विपक्षीय संबंधों को एक नया आयाम दिया। दोनों ही देशों ने भारत के साथ रक्षा क्षेत्र में अपनी रुचि जाहिर की है। बातचीत के दौरान रक्षा सामग्री की खरीद और संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण (ज्वाइंट पर्सनल ट्रेनिंग) पर सहमति बनी। इसके अलावा, दोनों देशों ने भारतीय उद्योगपतियों और निवेशकों को अपने यहां आमंत्रित किया। इथियोपिया ने विशेष रूप से भारतीय खनन (माइनिंग) कंपनियों को निवेश का न्योता दिया, जबकि मलेशिया के साथ भारत की बात सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नए अवसरों की तलाश पर केंद्रित रही।
इथियोपिया के साथ रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा प्रधानमंत्री मोदी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली की मुलाकात के दौरान द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया। दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की अदीस अबाबा की ऐतिहासिक यात्रा के बाद हुई इस बैठक में आर्थिक सहयोग, सुरक्षा और क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) में हुई प्रगति पर संतोष जताया गया। पीएम मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में इथियोपिया की भागीदारी का स्वागत करते हुए कहा कि इससे विकासशील देशों के हितों की आवाज अधिक मुखर हुई है।
वियतनाम के साथ ब्रह्मोस मिसाइल डील की उम्मीदें बढ़ीं हैदराबाद हाउस में वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ हुई द्विपक्षीय बातचीत में रक्षा सहयोग को सबसे बड़ा बल मिला। इस बैठक के दौरान भारत और वियतनाम के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सौदे पर अंतिम मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है। अगर यह सौदा पूरा होता है तो वियतनाम, फिलीपींस के बाद ब्रह्मोस खरीदने वाला दक्षिण-पूर्व एशिया का तीसरा प्रमुख देश बन जाएगा। मई 2026 में वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को ‘एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के स्तर पर ले जाया गया था। पीएम मोदी ने वियतनाम की ब्रिक्स में पार्टनर कंट्री के तौर पर मौजूदगी का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर साझा रुख बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई।















