FATF से बचने के लिए पाकिस्तान की नई पैंतरेबाज़ी: आतंकी मसूद अजहर पर रखा 70 लाख का इनाम, रेड बुक में बढ़ाया….

नई दिल्ली/इस्लामाबाद। पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की अक्टूबर में आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण प्लीनरी बैठक से ठीक पहले पाकिस्तान ने एक बार फिर दुनिया की आंखों में धूल झोंकने के लिए नया दांव खेला है। पाकिस्तान की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (FIA) ने मोस्ट वांटेड आतंकियों की अपनी नई ‘रेड बुक’ जारी करते हुए कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर पर 70 लाख रुपये (PKR) का इनाम घोषित किया है।

5 साल पुराना पैंतरा: फिर बढ़ाया इनाम का बजट

प्रत्येक पांच वर्ष में अद्यतन (Update) होने वाली इस रेड बुक में मसूद अजहर का नाम शामिल कर पाकिस्तान खुद को आतंकवाद के खिलाफ आक्रामक दिखाने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले साल 2021 में भी जब FATF की ग्रे लिस्ट और अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा था, तब पाकिस्तान ने इसी तरह का दावा किया था। तब इस्लामाबाद ने दलील दी थी कि मसूद अजहर देश से लापता हो गया है और संभवतः अफगानिस्तान में छिपा बैठा है। उसी समय FIA ने उस पर 50 लाख रुपये का इनाम रखा था, जिसे अब 2026 की नई रेड बुक में बढ़ाकर 70 लाख रुपये कर दिया गया है।

कार्रवाई या महज़ आंखों में धूल झोंकने का नाटक?

एक तरफ पाकिस्तान का आधिकारिक रुख यह रहा है कि मसूद अजहर उसकी सीमा में है ही नहीं, वहीं दूसरी तरफ अपनी ही जांच एजेंसी FIA की रेड बुक में उस पर बार-बार इनाम की रकम बढ़ाना उसकी अपनी ही कथनी और करनी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

भारतीय रक्षा व सुरक्षा विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि यह कोई ठोस कार्रवाई नहीं, बल्कि FATF की सख्ती से बचने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर औपचारिक कागजी खानापूर्ति करने का पुराना हथकंडा है। भारत के खिलाफ आतंकी हमलों के मुख्य सूत्रधार रहे मसूद अजहर के बहावलपुर स्थित ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना द्वारा भी करारा प्रहार किया जा चुका है। इसके बावजूद पाकिस्तान का यह नया कदम सिर्फ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और निगरानी से बचने की एक लाचार कोशिश मात्र दिखाई देता है।

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