मॉनसून की विदाई से पहले देश भर में बिगड़ा मौसम, 18 से 23 सितंबर तक दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रवानगी की तारीख पास आते ही मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान से मॉनसून के पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। लेकिन इस विदाई के बीच कई मजबूत मौसमी सिस्टमों के एक साथ सक्रिय होने से देश के उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण के बड़े हिस्से में बारिश का दौर थमने वाला नहीं है। 18 सितंबर से लेकर 23 सितंबर के दौरान दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों में तेज हवाओं और बिजली की कड़क के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

एक साथ सक्रिय हुए कई वेदर सिस्टम, अंडमान के पास बन रहा नया दबाव देश भर में अचानक बदले इस मौसम के पीछे एक साथ कई मौसमी चक्र काम कर रहे हैं। सौराष्ट्र और उससे सटे अरब सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि मैदानी इलाकों में मॉनसूनी ट्रफ पूरी तरह सक्रिय है। इसके साथ ही, दक्षिण-पूर्व एशिया की तरफ से आया ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसके प्रभाव से 19 सितंबर के आसपास एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनेगा, जो ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों की तरफ बढ़ेगा। यही वजह है कि आने वाले दिनों में पूर्वी और दक्षिणी भारत में झमाझम बारिश जारी रहेगी।

दिल्ली-NCR और यूपी-बिहार में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज? उत्तर भारत में 18 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। वहीं, पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश का अनुमान है। पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में 18 सितंबर को कई जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। गंगीय पश्चिम बंगाल में 18 से 20 सितंबर तथा 23 सितंबर को और ओडिशा में 21 से 23 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान से होगी मॉनसून की रवानगी मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 19 सितंबर से भले ही दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की पश्चिमी राजस्थान से वापसी शुरू हो जाए, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अन्य राज्यों से बारिश तुरंत थम जाएगी। लौटता हुआ मॉनसून भी अक्सर जाते-जाते तेज बारिश कराता है। मध्य, पश्चिमी और दक्षिणी भारत में अगले एक हफ्ते तक बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

मध्य और पश्चिम भारत में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 18 से 23 सितंबर के बीच मध्यम से भारी बारिश होने का अंदेशा है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। छत्तीसगढ़ में 20 से 23 सितंबर के बीच भारी बारिश का दौर आ सकता है। पश्चिम भारत में गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ और कोंकण-गोवा में 18 से 23 सितंबर तक लगातार बारिश जारी रहेगी। गुजरात क्षेत्र में 18-19 सितंबर और कोंकण-गोवा में 20 से 23 सितंबर के बीच बारिश का नया स्पेल शुरू होगा।

दक्षिण भारत में तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश की चेतावनी दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में भी मौसम का रुख सख्त बना हुआ है। केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में 18 सितंबर को कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। इसके बाद 20 से 23 सितंबर के दौरान तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।

 

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