नगर निकाय चुनाव : गोंडा समेत पूरे यूपी में EVM से होंगे चुनाव, वेयरहाउस निर्माण के लिए जमीन की तलाश शुरू

उत्तर प्रदेश में आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अब विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तर्ज पर नगर निकायों के चुनाव भी पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से कराए जाएंगे। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने ईवीएम की सुरक्षित खरीद और उनके भंडारण (स्टोरेज) की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है। गोंडा समेत प्रदेश के सभी 75 जिलों में ईवीएम के सुरक्षित रख-रखाव के लिए अत्याधुनिक वेयरहाउस का निर्माण कराया जाएगा, जिसके लिए जिला प्रशासन से एक महीने के भीतर उपयुक्त भूमि का प्रस्ताव मांगा गया है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने जिलाधिकारियों को भेजा पत्र ईवीएम भंडारण के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष कार्याधिकारी एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र ने गोंडा समेत सभी जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि वेयरहाउस के लिए ऐसी भूमि का चयन किया जाए जो पूरी तरह सुरक्षित हो और जहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जा सकें। जमीन का अंतिम चयन होने के बाद निर्माण कार्य के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। आयोग ने ईवीएम की खरीद प्रक्रिया के लिए टेंडर भी आमंत्रित कर दिए हैं।

गोंडा में 716 EVM की आवश्यकता, 8 हजार वर्ग फीट जमीन की मांग जिलेवार नगर निकायों की आवश्यकता के आधार पर ही वेयरहाउस निर्माण के लिए जमीन का क्षेत्रफल निर्धारित किया जा रहा है। गोंडा जिले में कुल 10 नगर निकाय शामिल हैं, जिनमें 3 नगर पालिका परिषद (गोंडा, कर्नलगंज और नवाबगंज) और 7 नगर पंचायतें (तरबगंज, बेलसर, परसपुर, कटरा, खरगूपुर, धानेपुर और मनकापुर) हैं। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार गोंडा में निकाय चुनाव संपन्न कराने के लिए लगभग 716 ईवीएम की जरूरत होगी। इनके भंडारण के लिए आयोग ने जिला प्रशासन से 8,000 वर्ग फीट सुरक्षित भूमि का प्रस्ताव मांगा है।

निकायों के सीमा विस्तार और नए गठन से बढ़ सकती है जरूरत गोंडा जिले में नगर निकायों का दायरा आने वाले समय में और बढ़ सकता है। वर्तमान में नगर पालिका परिषद गोंडा, नवाबगंज और नगर पंचायत खरगूपुर के सीमा विस्तार का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। इसके अलावा, नई नगर पंचायत इटियाथोक के गठन की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। यदि चुनाव से पहले सीमा विस्तार और नए निकायों के गठन को मंजूरी मिल जाती है, तो मतदान केंद्रों के साथ-साथ आवश्यक ईवीएम की संख्या में भी इजाफा हो सकता है।

 

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