उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद इलाके से एक दिल दहला देने वाली और दुखद खबर सामने आई है। यहां कक्षा 11 में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा ने पड़ोस में रहने वाले युवक की लगातार छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। सोमवार दोपहर किशोरी का शव उसके घर के भीतर बांस के सहारे चुनरी के फंदे से लटका मिला।
घटना के वक्त किशोरी घर में बिल्कुल अकेली थी और उसके माता-पिता किसी काम से बैंक गए हुए थे। मृतका के पिता ने पड़ोस के युवक और उसके परिजनों पर बेटी को प्रताड़ित करने का सीधा आरोप लगाया है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार ने पुलिस पर बार-बार शिकायत के बावजूद समय पर ठोस कार्रवाई न करने के बेहद गंभीर आरोप मढ़े हैं।
स्कूल आते-जाते समय मनचला करता था छेड़छाड़
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, छात्रा को स्कूल से आते-जाते समय पड़ोस का युवक लगातार परेशान करता था। करीब एक महीने पहले आरोपी ने रास्ते में छात्रा की साइकिल रोककर उसके साथ बदसलूकी की थी। जब किशोरी ने घर आकर आपबीती बताई, तो परिजन शिकायत लेकर आरोपी के घर पहुंचे। आरोप है कि शिकायत करने पर आरोपी युवक और उसके परिवार वालों ने पीड़ित परिवार के साथ मारपीट की और चाकू से हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया।
ई-रिक्शा से भेजना शुरू किया, फिर भी नहीं माना आरोपी
इस हिंसक घटना के बाद डरे हुए परिवार ने अपनी बेटी को अकेले स्कूल भेजना बंद कर दिया था। सुरक्षा के मद्देनजर किशोरी को गांव की अन्य छात्राओं के साथ ई-रिक्शा से स्कूल भेजा जाने लगा। हालांकि, मृतका के पिता का आरोप है कि आरोपी फिर भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और लगातार पीछा कर किशोरी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे जब पिता रामलखन अपनी पत्नी के साथ बैंक से लौटे, तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। बेटी का शव फंदे पर झूलता देख परिवार में चीख-पुकार मच गई।
आईजीआरएस पोर्टल तक शिकायत, परिजनों ने लगाए पुलिस पर गंभीर आरोप
मृतका के पिता रामलखन का कहना है कि उन्होंने 20 मई को चाकू से हमले की लिखित शिकायत कसमंडी पुलिस चौकी में दी थी। इसके बाद 13 अक्टूबर को बेटी से हुई छेड़छाड़ को लेकर भी दोबारा तहरीर दी गई, लेकिन स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। थक-हारकर परिजनों ने 24 अक्टूबर को आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल के जरिए भी गुहार लगाई थी, मगर पुलिस की बेरुखी के कारण आरोपी बेखौफ घूमता रहा और प्रताड़ना जारी रखी।
पुलिस का बयान: सुलह-समझौते के बाद की गई थी कार्रवाई
इस मामले पर अतिरिक्त थाना प्रभारी सुरेंद्र मिश्रा का पक्ष भी सामने आया है। उन्होंने बताया कि आईजीआरएस के माध्यम से मिली शिकायत के निस्तारण के दौरान दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता हो गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की गई थी।
फिलहाल, 14 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद इलाके में भारी तनाव और शोक का माहौल व्याप्त है। पुलिस अब छेड़छाड़, मारपीट, आत्महत्या के उकसावे और पुलिस स्तर पर हुई लापरवाही के सभी पहलुओं की गहन जांच में जुटी है। इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


















