
मिर्ज़ापुर. जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के बारामुला में सोमवार को आतंकवादियों (Terrorist) से हुई मुठभेड़ में मिर्ज़ापुर निवासी वीर जवान रवि कुमार सिंह शहीद हो गए। उनके गांव गौरा में शोक की लहर दौड़ गई है, तो वहीं घर में कोहराम मच गया है। सूचना मिलने पर सीएम योगी (CM Yogi) ने शहीद रवि को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मिर्जापुर के शहीद परमवीर रवि सिंह के परिजनों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही 50 लाख रुपये व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व शहीद के नाम से एक सड़क का नामकरण करने की घोषणा की है। सीएम योगी ने कहा कि देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को सदैव याद रखा जाएगा। इस दुखद घड़ी में राज्य सरकार शहीद के परिवार के साथ है।

मां से कहा- फोन रखिये हम ऑपरेशन में जा रहे हैं, लौट कर आएंगे बात करेंगे-
शहीद सेना के जवान रवि कुमार सिंह अपने माँ-बाप की इकलौती संतान थे। वह जिगना थाना अंतर्गत गौरा ग़ांव के रहने वाले थे। सेना के राष्टी राइफल में उनकी पोस्टिंग कश्मीर में थी। सोमवार को आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से वह शहीद हो गये। परिजनों का कहना है कि सेना के अधिकारियों ने घर वालों को फोन कर रवि सिंह के शहादत की पुष्टि की। अंतिम बार शहीद रवि सिंह की परिजनों से बात सोमवार को सुबह माँ रेखा सिंह और पत्नी प्रियंका सिंह से फोन पर बात हुई थी। सोमवार को दोपहर जब परिजनों ने फिर फोन किया तो शहीद रवि सिंह ने बताया कि फोन रखिये हम ऑपरेशन में जा रहे हैं, लौट कर आएंगे रात में बात करेंगे।
पिता को है कैंसर-
सदर तहसील के जिगना थाना अंतर्गत गौरा ग़ांव के रहने वाले रवि कुमार सिंह पुत्र संजय सिंह आर्मी के राष्टीय राइफल बटालियन में जम्मू कश्मीर में तैनात थे। शहीद रवि सिंह ने जून 2013 में भारतीय सेना सामिल हुए थे। दो बहनों में इकलौते भाई रवि की बड़ी बहन रेणु की शादी मध्य प्रदेश के सीधी जिले में हुई है। एक बहन कृति की शादी अभी नहीं हुई है। वही खुद रवि सिंह की शादी बबुरा में 22 जून 2018 को कमलेश सिंह की पुत्री प्रियंका के साथ बड़े धूमधाम से हुईं थी। शहीद होने की खबर आते ही पत्नी प्रियंका, माता रेखा सिंह, पिता संजय सिंह के होश उड़ गए और करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया।। घर में पिता संजय सिंह को भी कैंसर है। उनका इलाज चल रहा है। वहीं दादा रणधीर सिंह भी बीमार रहते हैं। घर में इकलौते कमाने वाले रवि ही थे जिनसे घर का खर्चा चलता था। घर के इकलौते चिराग की मौत की सूचना मिलने पर घर में कोहराम मच गया है।
सीधा और होनहार लड़का था-
पड़ोसी इंद्रकुमार सिंह का कहना है कि रवि बेहद सीधा और होनहार लड़का था। हर किसी को उसकी शहादत पर दुःख है। कुछ दिनों पहले वह छुट्टी लेकर घर आये थे। शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंच रहे लोगों की भी आंखें नम हो जा रही थी। फिलहाल कल सुबह शव घर पहुचेगा।परिवार का एक लौता पुत्र देश की रक्षा के प्राणों की आहुति देकर क्षेत्र व गांव का नाम तो रोशन किया लेकिन घर का चिराग बुझ गया।
दो साल पहले हुई थी शादी
रवि की दो वर्ष पूर्व ही प्रयागराज के कोरांव में प्रियंका के साथ धूमधाम से उनकी शादी हुई थी। माता रेखा देवी की दिली इच्छा थी कि घर में किलकारियां गूंजें। मां की इच्छा पूरी होने से पहले ही इकलौता बेटा देश के लिए कुर्बान हो गया। सोमवार को डेढ़ बजे दिन रवि सिंह ने पहले अपनी पत्नी फिर मां और पिता से एक-एक कर वीडियो कालिंग से बात की थी। पिता ने रोते हुए कि बेटा शीघ्र घर आने की बात कह रहा था, अचानक उसने कहा पापा आतंकवादियों से मुठभेड़ हो गई है। अब मैं ऑपरेशन में जा रहा हूं। उधर से कॉल कट गई।















