गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित इंदिरापुरम में बुधवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के एक फ्लैट में भीषण आग लग गई। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देखते ही देखते लपटों ने 9वीं मंजिल से लेकर 13वीं मंजिल तक के कई फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में चारों तरफ काले धुएं का गुबार छा गया, जिसे कई किलोमीटर दूर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से भी साफ देखा जा सकता था।
सुबह की चाय के साथ शुरू हुआ ‘अग्नि तांडव’, सोसाइटी में मची भगदड़
मुख्य दमकल अधिकारी (CFO) राहुल पाल ने बताया कि घटना बुधवार सुबह की है, जब लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। अचानक एक फ्लैट की बालकनी से आग की ऊंची लपटें निकलने लगीं। जब तक लोग कुछ समझ पाते, हवा के झोंकों ने आग को ऊपर की मंजिलों तक फैला दिया। ऊंची इमारतों से गिरते कांच और मलबे के कारण सोसाइटी के गार्डन और नीचे खड़े लोगों में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए सीढ़ियों की तरफ भागे।
9वीं से 13वीं मंजिल तक फैली आग, दिल्ली से भी बुलाई गई गाड़ियां
आग इतनी विकराल थी कि गाजियाबाद दमकल विभाग की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने हाइड्रोलिक लिफ्ट के जरिए ऊपरी मंजिलों तक पहुंचकर पानी की बौछारें शुरू कीं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि खिड़कियों के शीशे धमाके के साथ टूट रहे थे। फिलहाल, अग्निशमन विभाग के कर्मचारी अन्य फ्लैटों को आग की चपेट में आने से रोकने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं।
सीएम योगी ने लिया संज्ञान, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
गाजियाबाद की इस बड़ी घटना की गूंज लखनऊ तक सुनाई दी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे खुद मौके पर मौजूद रहकर बचाव कार्य की निगरानी करें। मुख्यमंत्री के दखल के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में कई और टीमें राहत कार्य के लिए भेजी गईं।
राहत की खबर: अभी तक कोई हताहत नहीं, जांच जारी
राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि इस अग्निकांड में अभी तक किसी के हताहत होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, हालांकि शुरुआती तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस और फायर विभाग की टीमें अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या सोसाइटी के फायर फाइटिंग सिस्टम काम कर रहे थे या नहीं।















