यूपी बोर्ड परीक्षाओं का ऐलान, जानिए कब से शुरू होगी 10वीं और 12वीं परिक्षाएं

लखनऊ।   उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हाईस्कूल और इंटरमीडियेट कक्षा की बोर्ड परीक्षायें अगले साल सात फरवरी से शुरू होंगी।

उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने सोमवार को यहां बताया कि बोर्ड परीक्षा के लिये नियत कार्यक्रम का पालन किया जायेगा जिसके अनुसार चालू शैक्षिक सत्र के लिये हाईस्कूल और इंटरमीडियेट की परीक्षायें सात फरवरी से शुरू होंगी और अगले 16 कार्य दिवसों में सम्पन्न करा ली जायेंगे। इस साल भी बोर्ड परीक्षायें छह फरवरी से शुरू होकर 16 कार्य दिनों में सम्पन्न करायी गयी थी। बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जायेगा।

यहां दिलचस्प है कि 2019 में बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गयी है। वर्ष 2017 में 66 लाख परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा के लिये पंजीकृत हुये थे जबकि अगले साल होने वाली परीक्षाओं के लिये 20 अगस्त तक केवल 56 लाख छात्र छात्राओं ने पंजीकरण कराया है।

बोर्ड अधिकारियों का दावा है कि परीक्षार्थियों की संख्या में गिरावट की वजह नकल माफियाओं पर नकेल और परीक्षा के लिये आधार पंजीकरण का अनिवार्य होना है। यहां उल्लेखनीय है कि इस साल 10वीं की परीक्षा के लिये 31़ 5 लाख छात्र छात्राओं ने पंजीकरण कराया जबकि 12वीं कक्षा के लिये 24़ 9 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हुये। पिछले साल 10वीं के लिये 36़ 5 लाख और 12वीं के लिये 29 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हुये थे। 

नकल पर कसा शिकंजा

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार ने नकल पर शिकंजा कसने में कामयाबी हासिल की है। उन्होंने कहा कि 2017 की बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में 50 लाख विद्यार्थी पंजीकृत थे, 2018 में इनकी संख्या बढ़कर 67.22 लाख पहुंच गई।

लेकिन सरकार की ओर से 2018 की बोर्ड परीक्षा में नकल पर की गई सख्ती से इस वर्ष विद्यार्थियों की संख्या घटकर 57.87 लाख रह गई है। उन्होंने कहा कि नकल पर अंकुश के कारण निजी विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है।

2018 बोर्ड परीक्षा में जहां 1.81 लाख निजी विद्यार्थियों पंजीकरण कराया था, वहीं इस वर्ष 92,384 निजी विद्यार्थियों ने ही बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। उन्होंने बताया कि नकल के लिए कुख्यात अलीगढ़ की एक संस्थान में भी 56 हजार विद्यार्थी कम पंजीकृत हुए हैं।

तीन दिन में प्रस्तुत करें कोर्ट केस पत्रावली

उप मुख्यमंत्री ने कोर्ट केस में पत्रावली तीन दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि कोर्ट केस के प्रकरण में देखा गया है कि आपसी साठगांठ से पत्रावली को दबाकर रखा जाता है। अवमानना का भय दिखाकर जल्दबाजी में पत्रावली निस्तारित कराने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि कोर्ट से आदेश जारी होते ही पत्रावली का निस्तारण अब तीन दिन में कराना होगा।
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