Assembly Election 2026: तमिलनाडु और बंगाल में ‘महामुकाबला’ आज, 386 सीटों पर किस्मत का फैसला; सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम

चेन्नई/कोलकाता। भारत के दो बड़े राज्यों, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र का महापर्व आज अपने चरम पर है। गुरुवार, 23 अप्रैल को होने वाले इस मतदान के लिए चुनावी शोर थम चुका है और अब बारी जनता की है। तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक साथ वोट डाले जा रहे हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हो रहा है। सुबह 7 बजे से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां युवा, बुजुर्ग और पहली बार वोट डालने वाले मतदाता भारी उत्साह के साथ पहुंच रहे हैं।

तमिलनाडु: विजय की पार्टी TVK ने त्रिकोणीय बनाया मुकाबला

तमिलनाडु में इस बार का चुनाव ऐतिहासिक माना जा रहा है। राज्य की मुख्य चुनाव अधिकारी अर्चना पटनायक के अनुसार, 5.73 करोड़ मतदाता राज्य के 75,064 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस बार 14 लाख युवा मतदाता पहली बार लोकतंत्र का हिस्सा बन रहे हैं। द्रविड़ राजनीति के गढ़ में इस बार अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK) की एंट्री ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय बना दिया है। सत्ताधारी DMK और मुख्य विपक्षी दल AIADMK के बीच टीवीके एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।

पश्चिम बंगाल: जंगलमहल से उत्तर बंगाल तक कड़ी सुरक्षा में वोटिंग

पश्चिम बंगाल में 152 सीटों पर हो रहे पहले चरण के मतदान के लिए चुनाव आयोग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर जंगलमहल और उत्तर बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की 2,407 टीमें तैनात की गई हैं। राज्य के 44,376 बूथों पर वेबकास्टिंग के जरिए सीधी नजर रखी जा रही है। नंदीग्राम और रेजीनगर जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों पर हो रहे इस मुकाबले में दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

हाईटेक निगरानी और करोड़ों की जब्ती: आयोग सख्त

चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए आयोग ने तकनीक का भरपूर सहारा लिया है। तमिलनाडु में अकेले चुनाव पूर्व चेकिंग के दौरान 1,262 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और सामान जब्त किया गया है। सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार और नियमों का उल्लंघन करने वाले 2,180 यूआरएल (URL) को ब्लॉक किया गया है। मतदान केंद्रों पर दिव्यांगों और महिलाओं के लिए विशेष ‘मॉडल बूथ’ बनाए गए हैं, जहां पेयजल और छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

4 मई को खुलेगा ‘सत्ता का पिटारा’

आज शाम 6 बजे तक सभी उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम (EVM) में कैद हो जाएगी। पश्चिम बंगाल में अगले चरणों का मतदान होना बाकी है, लेकिन तमिलनाडु में आज ही चुनावी प्रक्रिया का मुख्य पड़ाव पूरा हो जाएगा। देशभर को अब 4 मई का इंतजार है, जब मतगणना होगी और यह साफ होगा कि तमिलनाडु में ‘अम्मा-करुणानिधि’ की विरासत आगे बढ़ेगी या ‘विजय’ का नया सवेरा होगा। वहीं बंगाल में ‘ममता’ का जादू बरकरार रहेगा या ‘परिवर्तन’ की लहर चलेगी।

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