आयुर्वेद ही एक ऐसी पद्धति, जिससे सभी रोगों का इलाज सम्भव: स्वामी कर्मवीर

आईआईएमटी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज पहुंचे आयुर्वेदाचार्य स्वामी कर्मवीर, बताई आयुर्वेद की महत्ता

भास्कर समाचार सेवा
मेरठ। वर्तमान समय में लोगों की जीवनशैली ने उन्हें रोगग्रस्त बना दिया है। यह भौतिक जीवनशैली लोगों को शारीरिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी तोड़ने में लगी है। इस जीवनशैली से वात-पित्त, कफ और पाचन क्रिया सब गड़बड़ा गई है। आईआईएमटी विश्वविद्यालय पहुंचे स्वामी कर्मवीर महाराज ने अपने संबोधन में कहा, आयुर्वेद ही एक ऐसी पद्धति है, जिससे सभी रोगों का इलाज सम्भव है।

आईआईएमटी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के तत्वावधान में शुक्रवार को आईआईएमटी विश्वविद्यालय के प्रांगण में योग एवं आयुवेर्दाचार्य स्वामी कर्मवीर महाराज का विशिष्ट व्याख्यान आयोजित हुआ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता और प्रति कुलाधिपति डॉ. मयंक अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर व मंत्रोच्चारण से किया गया। इस अवसर पर सांसद राजेन्द्र अग्रवाल व पूर्व एमएलसी जगत सिंह भी उपस्थित रहें। सेमिनार हॉल में उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वामी कर्मवीर महाराज ने कहा, परमात्मा ने आयुर्वेद के रूप में पृथ्वी के हरेक हिस्से में बहुत सी जड़ी-बूटियां और औषधि दी हैं, जिससे हम रोगों से लड़ सकें, बस हमें इनकी परख और समझ होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मस्तिष्क तेज करने का आयुर्वेदिक उपचार भी बताया। समय पर सोने और उठने की नियमित दिनचर्या से ही स्वस्थ रहा जा सकता है। स्वामी कर्मवीर महाराज ने कहा, गौ आधारित खेती होनी चाहिए, पेस्टिसाइड का इस्तेमाल कम से कम मात्रा में हो, वरना खेती से जानवर और जानवर से इंसान तक बीमारियां फैलती हैं। बाहरी घी और तेल के सेवन से बचें, कैंसर के असली कारक यही हैं।

ये कहा सांसद ने
सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने आईआईएमटी की सराहना करते हुए कहा, मेरठ के अंदर एक ही छत के नीचे पंचकर्मा और आयुर्वेद अस्पताल का होना बहुत बड़ा विकास है। पीएम मोदी ने 2014 में शपथ लेने के बाद से आयुर्वेद पद्धति को भी आगे बढ़ाया है। देश को जगत गुरू बनाना है तो अपने विश्वास और सामर्थ्य को आगे बढ़ाते हुए ही यह सम्भव है।

इनका रहा सहयोग
कार्यक्रम के समापन पर कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर आभार प्रकट किया। संचालन शिक्षिका एकता शर्मा ने किया। इस अवसर पर डा. जीके जैन प्राचार्य, डा. राकेश पवार डीजी आयुर्वेद, डा. एसके तंवर डीएमएस, डा. रितु, डा. नेहा, डा. अनुपमा, गोपाल दत्त, डा. कंचन, डा. प्रदीप कुमार, डा. शाजिया खान, डा. सुमन, डा. प्रवीण कुमार, प्रविन्द्र, रूबी, अनीता, अमरपाल मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में चीफ प्रॉक्टर एके चौहान, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. नीरज शर्मा, निदेशक प्रशासन डॉ. संदीप सिंह, शिक्षक बोधिसत्व शील और अंजलि शर्मा का विशेष योगदान रहा।

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