नई दिल्ली। नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। नेपाल पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह तक बाढ़ और भूस्खलन से 177 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 826 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे राहत और बचाव अभियान में भी दिक्कत आ रही है।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल के प्रभावित इलाकों से 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। ये सभी तमिलनाडु के रहने वाले बताए गए हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में भारतीयों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। मंत्रालय के अनुसार, करीब 288 भारतीय पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पा रहा, जबकि करीब 200 लोग मानसरोवर यात्रा के दौरान फंसे हुए हैं।
टिमुरे से 21 भारतीयों समेत 116 लोगों को निकाला गया
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के मुताबिक, नेपाली सेना ने गुरुवार सुबह सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक टिमुरे में बचाव अभियान चलाया। इस दौरान 95 नेपाली नागरिकों और 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दूसरी ओर, नेपाल सरकार के हवाले से आई रिपोर्टों में कुछ लापता लोगों के मिलने की जानकारी भी सामने आई है, जिनमें करीब 100 भारतीय नागरिक और 25 चीनी नागरिक शामिल बताए गए हैं।
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी समेत कई जिले शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर शव चितवन के आसपास के इलाकों से बरामद हुए हैं, जहां बाढ़ का पानी नदी के साथ काफी दूर तक पहुंच गया।
800 से ज्यादा लोग अब भी लापता
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, 826 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें 579 पर्यटक भी शामिल हैं। इसके अलावा रसुवा और नुवाकोट में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स के कई जवान भी लापता बताए गए हैं।
इस बीच प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने नुवाकोट के बाढ़ प्रभावित बिदुर नगर पालिका का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ राहत, बचाव, पुनर्वास और क्षतिग्रस्त सड़कों व अन्य बुनियादी सुविधाओं को जल्द बहाल करने को लेकर जानकारी ली।
नेपाल में फंसे केरल के 53 लोग
नेपाल की बाढ़ में केरल के भी 53 लोग फंसे बताए गए हैं। NORKA रूट्स के CEO राजेश माधवन के अनुसार, इनमें परिवार, वयस्क और बच्चे शामिल हैं। एजेंसी के पास इन लोगों के संपर्क नंबर हैं, लेकिन नेटवर्क की समस्या के कारण उनसे सीधे संपर्क नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सामान्य जानकारी के आधार पर उनके सुरक्षित होने की उम्मीद है।
भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए भारत सरकार ने भारतीय दूतावास के आपातकालीन नंबर जारी किए हैं:
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
+977 981 032 6117
नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। लापता लोगों की संख्या और मृतकों के आंकड़े में आगे बदलाव हो सकता है, क्योंकि कई प्रभावित इलाकों तक अभी भी बचाव दलों की पहुंच पूरी तरह नहीं हो पाई है।














