बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह गिरफ्तार, STF की टीम ने लखनऊ से धर दबोचा

बलिया
बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह गिरफ्तार हो गया है। यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क से धीरेंद्र सिंह डब्ल्यू को रविवार सुबह गिरफ्तार किया है। बता दें कि धीरेंद्र घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। धीरेंद्र सिंह ने विडियो जारी कर खुद को बेगुनाह बताया था। उधर, आरोपी के समर्थन में खुलकर बयानबाजी करने पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह को तलब किया।


धीरेंद्र सिंह की तलाश में पुलिस की 10 टीमें जुटी थीं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले गोलीकांड में दो और आरोपियों को धरा गया है। धीरेंद्र सिंह के बाद अब तक इस केस में कुल 5 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

धीरेंद्र ने कहा- मैं बेगुनाह हूं
बता दें कि बलिया में कोटे की दुकान आवंटन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। आरोप है कि बीजेपी नेता धीरेंद्र ने सीओ और एसडीएम की मौजूदगी में जयप्रकाश पाल नाम के शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी।

शनिवार को आरोपी धीरेंद्र सिंह का विडियो सामने आया। अपने नौ मिनट के विडियो में धीरेंद्र ने कहा है कि उसने गोली नहीं चलाई। वीडियो वारदात के अगले दिन यानी 16 अक्टूबर का बताया जा रहा है। विडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।प्रियंका ने पूछा-बीजेपी किसके साथ है?

इस गोलीकांड पर सिसायत भी जमकर हो रही है। मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह की बीजेपी से नजदीकियों के चलते विपक्ष लगातार योगी सरकार पर हमलावर है। कुछ देर पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘बलिया की घटना में बीजेपी सरकार किसके साथ खड़ी है? खबरों के अनुसार अफसरों के सामने हत्या करने के बाद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में था मगर वह फरार हो गया। अभी तक पकड़ा नहीं गया। बीजेपी विधायक खुलकर आरोपी के साथ खड़ा है।’

प्रियंका ने आगे पीएम मोदी, जेपी नड्डा और अमित शाह को टैग करते हुए लिखा, ‘क्या आप अपराधी के साथ खड़े इस विधायक के साथ हैं? यदि नहीं तो अब तक यह बीजेपी में क्यों बना हुआ है?’

क्या है पूरा मामला?
बलिया जिले के रेवती क्षेत्र के ग्राम सभा दुर्जनपुर और हनुमानगंज की दो दुकानों के आवंटन के लिए गुरुवार दोपहर में पंचायत भवन में खुली बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में एसडीएम बैरिया सुरेश पाल, सीओ बैरिया चंद्रकेश सिंह, बीडीओ बैरिया गजेन्द्र प्रताप सिंह के साथ ही रेवती थाने की पुलिस फोर्स मौजूद थी। बैठक के दौरान दुर्जनपुर की दुकान पर सहमति नहीं बनी। बाद में वोटिंग कराने का निर्णय हुआ तो हंगामा शुरू हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हंगामा होते ही अधिकारियों ने बैठक स्थगित कर दी और जाने लगे। हालांकि इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। बैठक स्थगित होने के बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। मारपीट के दौरान एक पक्ष के पूर्व फौजी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने गोली चला दी जिससे दूसरे पक्ष के जयप्रकाश उर्फ गामा पाल (46)निवासी दुर्जनपुर घायल हो गए। बताया जा रहा है कि जयप्रकाश को चार गोली लगी थी और उनकी मौत हो गई।

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