तमिल राजनीति के धुरंधर नेता एम करुणानिधि ने ली अंतिम सांस

नयी दिल्ली। तमिल राजनीति के धुरंधर नेता माने जाने वाले डीएमके नेता एम करुणानिधि का मंगलवार को निधन हो गया। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। 94 वर्ष की उम्र में उन्होंने चेन्नई के कावेरी अस्पताल में अंतिम सांस ली। करुणानिधि के निधन पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, पीएम नरेन्द्र मोदी व अन्य कई नेताओं ने दुख जताया है। वहीं डीएमके प्रमुख के निधन पर चेन्नई शहर में शोक की लहर दौड़ गयी है। समर्थकों में रोना-पीटना मचा हुआ है। 94 वर्षीय द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सुप्रीमो करुणानिधि पिछले 28 जुलाई से चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती थे। शाम 6 बजकर 10 मिनट पर करुणानिधि का निधन हुआ। तमिलनाडु के पूर्व सीएम करुणानिधि को रक्तचाप की समस्या के कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले दो दिनों से करुणानिधि की सेहत में लगातार गिरावट आ रही थी। जिसके बाद यह खबर सामने आई है।वहीं तमिलनाडु में 7 दिन का शोक घोषित कर दिया है।

इसी साल 3 जून को करुणानिधि ने अपना 94वां जन्मदिन मनाया था। 50 साल पहले 26 जुलाई, 1969 को उन्होंने डीएमके की कमान अपने हाथों में ली और तब से लेकर पार्टी के मुखिया बने रहे। करुणानिधि के नाम हर चुनाव में अपनी सीट न हारने का रिकॉर्ड भी रहा। वो पांच बार मुख्यमंत्री और 12 बार विधानसभा सदस्य रहे। उन्होंने जिस भी सीट पर चुनाव लड़ा हमेशा जीत हासिल की थी। करुणानिधि ने 1969 में पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाला था, इसके बाद 2003 में आखिरी बार मुख्यमंत्री बने थे।

नाटककार और पटकथाकार भी थे करुणानिधि 

करुणानिधि का जन्म 3 जून, 1924 को तिरुवरूर जिले के तिरुकुवालाई गांव में हुआ था। उन्होंने तीन शादियां कीं। पहली  पत्नी का नाम पद्मावती, दूसरी का दयालु और तीसरी का रजति है। पद्मावती का देहांत हो चुका है। उनके 4 बेटे एमके मुथु, एमके अलागिरी, एमके स्टालिन, एमके तमिलारासु और दो बेटियां एमके सेल्वी और कनिमोझी हैं। वे तमिल फिल्मों में नाटककार और पटकथा लेखक भी थे।

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