गोरखपुर : अब BRD मेडिकल कालेज में भगवान भरोसे मरीजो का इलाज, मचा हाहाकार…

गोपाल त्रिपाठी
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कालेज के जूनियर डाक्टर तीमारदारों से मारपीट के मामले में रविवार को 13 जूनियर डाक्टरों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज होने के बाद सोमवार हड़ताल पर चले गए। हड़ताल की वजह से बीआरडी में हाहाकार मच गया है। तीमारदार अपने मरीजों को लेकर निजी अस्पतालों में जा रहे हैं। वार्डों में इलाज के
दस सितम्बर को परिसर में मरीजों-तीमारदारों से जूनियर डाक्टरों की मारपीट हुई थी।
इस मामले में पुलिस ने बीआरडी प्राचार्य की तहरीर पर आरोपी तीमारदारों के खिलाफ उसी दिन मुकदमा दर्ज कर लिया था। पांच आरोपितों को पुलिस जेल भेज चुकी है। रविवार को तीमारदार शिवकुमार सिंह की तहरीर पर गुलरिहा पुलिस ने 13 जूनियर डाक्टरों और पांच-छह अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास और लूट जैसी कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
कुछ धरने पर बैठे कुछ ने प्रिंसिपल आफिस के बाहर शुरू की ओपीडी
बीआरडी मेडिकल कालेज में हड़ताल के बीच जूनियर डाक्टरों की एक टोली प्राचार्य कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई है। स्टॉप वायलेंस अगेन्ट डाक्टर्स लिखी तख्तियां हाथ में लिए जूनियर डाक्टरों ने प्राचार्य कार्यालय के सामने नारेबाजी की। इनमें बड़ी संख्या महिला जूनियर डाक्टरों की है। जकि कुछ जूनियर डाक्टरों ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर ओपीडी शुरू कर मरीजों को देखने का काम चालू रखा है। डाक्टरों की मांग है कि दस सितम्बर की मारपीट की घटना में उनके साथ जूनियर डाक्टरों के खिलाफ दर्ज हत्या के प्रयास और लूट का मुकदमा वापस लिया जाए
यह है मामला
शाहपुर क्षेत्र की इंद्रप्रस्थपुरम कालोनी के फतेहबहादुर सिंह की पत्नी चंद्रावती देवी को नौ सितम्बर की रात तबीयत खराब होने पर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। उनके लिवर में संक्रमण था। आरोप है कि रात मेंकई बार अनुरोध करने के बाद भी कोई डाक्टर उन्हें देखने नहीं आया। दूसरे दिन दस सितम्बर को सुबह छह बजे फतेहबहादुर सिंह के भतीजे शिवकुमार सिंह वार्ड में भर्ती दूसरे मरीजों के परिवारीजनों को साथ लेकर डाक्टर के पास गए। नजरअंदाज करने पर शिवकुमार ने उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री से शिकायत की चेतावनी दी। इसी पर जूनियर डाक्टर भड़क गए और उनपर हमला बोल दिया। उनके पास मौजूद मोबाइल और अन्य सामान लूट लिया।
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