डासना जिला जेल में दीपावली को लेकर बन रहे मिट्टी के दीपक

जेल में बंदी बना रहे मोमबत्ती की कैंडल

एमजे चौधरी

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश की सबसे हाईटेक जिला जेल डासना में दिवाली के पर्व को लेकर खास तौर पर अलग तरह की तैयारी की जा रही है। बंदियों के द्वारा जेल में ही मिट्टी के दीपक बनाए जा रहे हैं। जिससे दीपावली के अवसर को और अच्छा बनाए जा सके। इसके अलावा मोमबत्ती के कैंडील भी डासना की जिला जेल में बन रहे हैं । जेल में बनी मोमबत्ती के कैंडल को बिक्री के लिए जेल के गेट पर भी एक स्टॉल लगाया गया है। जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन के आदेश पर डीजी जेल आनंद कुमार के निर्देशन में डासना की जिला जेल में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कई तरह के कार्य कराए जा रहे हैं। जिससे की बंदी के जेल से छूट जाने के बाद वह आत्मनिर्भर रह सके व अपना कारोबार कर सके सके एवं अपने परिवार का पालन पोषण भी कर सके।

इसी उद्देश्य के चलते जेल में बंदियों को तमाम तरह के कार्य से निपुण कराया जा रहा है। हालांकि त्योहारों को ध्यान में रखते हुए जेल में निर्मित बंदियों के द्वारा बनाए गए सामान को भी बिक्री के अलावा जेल में इस्तेमाल किया जाता है। दीपावली के खास अवसर पर बंदियों के द्वारा जेल में मिट्टी के दीपक बनाने का कार्य जोर-शोर से चल रहा है और इस दीपावली को खुशहाल बनाने के उद्देश्य से जेल को मिट्टी के दीपक से सजाया जाएगा। इसके साथ ही मोमबत्ती के कैंडल भी जेल में बनाए जा रहे हैं। जिन्हें बिक्री के उद्देश्य से बाहर गेट पर एक स्टॉल लगाकर कैंडल की बिक्री की जा रही है। कैंडल के पैकेटो के हिसाब से अलग-अलग रेट तय किए गए हैं। बंदियों से इस कार्य को कराने में जहां कई संस्थाएं कार्य कर रही है। वहीं जेल प्रशासन से जुड़े अधिकारी भी पूरा सहयोग कर रहे हैं। इस मौके पर सहयोग करने वालों में जेलर ब्रिजेन्द्र सिंह, डिप्टी जेलर शैलेश सिंह, डिप्टी जेलर ए के झा, डिप्टी जेलर संजय शाही, डिप्टी जेलर विजय कुमार गौतम और जेल हेड वार्डन शिवकुमार शर्मा सहित जेल के कर्मचारी एवं अधिकारी पूरा सहयोग करते हुए बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने में उनको प्रोत्साहन दे रहे हैं।

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