वित्‍त मंत्री का ऐलान- देशभर में चलेगा एक ही कार्ड, जानें- क्‍या है वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी से देश पर आये संकट के बीच 20 लाख करोड़ के स्पेशल पैकेज की घोषणा की है , जिसके बारे में जानकारी देते हुए आज वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दूसरी Press Conference कर इसकी और जानकारी दी. निर्मला सीतरमण ने अपने दूसरे दिन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्‍होंने आज आर्थिक पैकेज के अंतर्गत किसानों, प्रवासी मजदूरों और महिलाओं को दी जाने वाली राहत के बारे में विस्‍तार से बताया. साथ ही, प्रवासी मजदूरों, रेहड़ी पटरी वालों, छोटे कारोबारी और छोटे किसानों को लेकर घोषणाएं की.  उन्होंने बताया कि 31 मई तक किसानों को ब्याज से छूट दी गई है. वित्त मंत्री ने इस संकट के समय में प्रवासी मजदूरों के लिए दो महीने तक मुफ्त में राशन देने का भी ऐलान किया. इस बार सरकार की तरफ से अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए आर्थिक पैकेज में कई अहम क्षेत्रों को रखा गया है.  

वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना लागू   

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार ने वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना (One Nation- One Ration Card) को लागू किया है. देश में कोई भी भूखा नहीं सोये इसलिए, प्रवासी किसी भी राज्य के राशन डिपो से इस कार्ड की मदद से राशन ले सकता है. अगस्त 2020 तक यह व्यवस्था पूरे देश में लागू होगी. वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना में देश में रहने वाली किसी भी नागरिक का एक ही राशन कार्ड होगा. वह कहीं से भी राशन ले सकेगा. इस स्कीम का फायदा उन लोगों को मिलेगा, जिसके पास राशन कार्ड होगा. राशनकार्ड धारक देश के किसी भी हिस्से की सरकारी राशन दुकान से कम कीमत पर अनाज खरीद सकेंगे. 

  प्रति व्यक्ति 5-5 किलो चावल-गेहूँ की व्यवस्था वित्त मंत्री ने कहा जिनके पास राशन कार्ड या कोई कार्ड नहीं है, उन्हें भी 5 किलो गेहूं, चावल और एक किलो चना की मदद दी जाएगी.  राशन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार 3,500 करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा. जो नेशनल फूड सेक्योरिटी में नहीं आते, या जिनको राज्यों का राशन कार्ड नहीं मिल पाता, उनके लिए यह प्रावधान किया गया है. प्रति व्यक्ति 5-5 किलो गेहूं या चावल मिलेंगे. अगले दो महीने तक यह प्रक्रिया लागू रहेगी.   

पूरे देश में लागू होगी योजना  इस योजना का सबसे बड़ा फायदा है कि लोग अब दूसरे राज्यों से भी राशन खरीद सकेंगे. यह नियम पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा.  

योजना से क्या-क्या होंगे लाभ – 

  • उस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा गरीबों को मिलेगा.
  • एक जगह से दूसरी जगह पलायन करने वालों  को लाभ मिले सकेगा.
  • फर्जी राशन कार्ड पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी.
  • सभी राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ने और प्वाइंट ऑफ सेल (Point of Sale, PoS) मशीन के जरिए अनाज बांटने की व्‍यवस्‍था जल्द शुरू होगी.
  • 85 फीसदी आधार कार्ड पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीन से जुड़ चुके हैं.
  • 22 राज्यों में 100 फीसदी पीओएस मशीन लग चुकी है.

 वित्‍त मंत्रालय की ओर से बताया गया कि मजदूरों को राशन के लिए 3500 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया. पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी.वित्‍त मंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस के समय में 63 लाख लोन कृषि क्षेत्र के लिए मंजूर किए गए, यह राशि 86,600 करोड़ रुपये है. 1 मार्च से 30 अप्रैल 2020 के बीच कृषि के लिए
86, 000 करोड़ रुपये के 63 लाख ऋण मंजूर किए गए.

Back to top button
E-Paper