फर्जी लोन एप के माध्यम से लोन देने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के 3 सदस्य गिरफ़्तार

  • आरोपियों से 2 आईफोन सहित 5 मोबाइल फोन, लैपटॉप, 5700 रुपये व एक लग्जरी कार बराम

भास्कर समाचार सेवा
हापुड़
। जनपदीय साईबर सेल टीम ने फर्जी लोन एप के माध्यम से लोन देने के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर उसमें बैंक इत्यादि की गोपनीय जानकारी भरवाकर मोबाइल का धोखाधडी से डाटा चोरी कर लोन के नाम पर छोटी-मोटी धनराशि लोगों के खातों में ट्रांसफर कर लोन से अधिक राशि की वसूली करने के लिये उनकी फोटो को एडिट करके वायरल करने की धमकी देकर अवैध धन वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 3 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से 2 आईफोन सहित 05 मोबाइल फोन, लैपटॉप, 5700 रुपये व एक लग्जरी कार बरामद की है।
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर जनपदीय साईबर सेल टीम ने छिजारसी टोल प्लाजा से 100 कदम की दूरी पर जैन शिकंजी वाले के सामने से प्रशांत पुत्र देवेन्द्र चन्द्रवंशी निवासी म0न0 301 गली न० 06 आनंदा अपार्टमेंट थाना कापसहेडा दिल्ली, मूल निवासी ग्राम झिटकी जिला मुज्जफरपुर बिहार, अभिषेक तिवारी पुत्र वीरेन्द्र तिवारी निवासी म0न0 749 गली न० 8 कापसहेडा थाना कापसहेडा दिल्ली, मूल निवासी ग्राम मौहम्मदपुर थाना कास्माबाद जनपद गाजीपुर व जितेन्द्र पुत्र कप्तान सिंह बघेल निवासी मौ० गडरपुरा तगावली थाना निहालगंज जिला धौलपुर राजस्थान, हाल पता म0न0 366 नियर आईस फैक्ट्री गली न० 01 थाना कापसहेडा दिल्ली को गिरफ़्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वें अपने साथी नूर मौहम्मद के साथ मिलकर फर्जी चाइनीज लोन एप के द्वारा लोगों से धोखाधडी से अवैध धन वसूली का काम करते थे। जिन लोगों को लोन की आवश्यकता होती है वो लोग ऑनलाइन गूगल पर या प्ले स्टोर पर लोन एप सर्च करते हैं तो प्ले स्टोर व गूगल पर अलग-अलग नामों से फर्जी लोन एप CRAZY MONKEY APP, TAKA APP, CASH LOAN APP, INSTA LOAN APP बना रखे हैं। जैसे ही लोग उक्त लोन एप को डाउनलोड करके इंस्टॉल करते हैं तो उक्त एप ओपन होने पर एक लिंक खुलता है। जिसमें उनकी व्यक्तिगत जानकारी मोबाइल नम्बर, बैंक खाता, पैन कार्ड, आधार कार्ड व स्वंय का सेल्फी फोटो आदि की डिटेल सब्मिट की जाती है। सब्मिट करने वाले व्यक्ति के मोबाइल की फोनबुक का डाटा व उसके द्वारा लिंक में भरी गयी व्यक्तिगत जानकारी उक्त कम्पनी के पास आ जाती है। उक्त एप का संचालन पाकिस्तान व अन्य देशों से होता है। वें इन लोगों से व्हाट्सएप कालिंग के जरिये खरीद लेते हैं और फिर उक्त डाटा से लोगों की आवश्यकता के अनुसार उन्हें एक हजार से दस हजार रुपये तक का लोन उनके बैंक खाते या गूगल पेटीएम आदि पर ट्रांसफर कर देते हैं और कुछ दिन बाद हम लोगों द्वारा लोन के नाम पर दी गयी धनराशि से कई गुना धनराशि वसूलने के लिये वर्चुअल व्हॉटसएप नम्बरों से लोगों की फोटो को एडिट करके अश्लील फोटो बनाकर उनके फोनबुक से चुराये गये मोबाइल नम्बरों पर वायरल करने की धमकी देकर अवैध धनराशि की वसूली करते थे। वहीं लोगों से अवैध धनराशि वसूल करने के बाद पाकिस्तान में उक्त एप के संचालकों को पैसा BINANCE CRYPTOCURRENCY के माध्यम से ट्रांसफर कर देते थे। उन्होंने बताया कि हापुड के रहने वाले चिराग अरोडा के साथ हम लोगों ने इसी प्रकार CRAZY MONKEY APP डाउनलोड कराकर लिंक में उसके द्वारा भरी गयी डिटेल व उसके मोबाइल की फोनबुक का डाटा लेकर उसकी फोटो को एडिट करके न्यूड फोटो बनाकर उसके रिश्तेदारों के मोबाइल नम्बरों के व्हॉटसएप पर भेजकर उससे पैसे वसूल किये थे। आरोपियों ने इसके अतिरिक्त देश में हजारों लोगों के साथ इस प्रकार की घटना कारित की है।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त शातिर किस्म के साइबर काइम अपराधी हैं। जिनके आपराधिक इतिहास के बारे में अन्य जनपदों / राज्यों से जानकारी की जा रही है।

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