गोपाल त्रिपाठी
गोरखपुर। इस साल नौ माह में बीआरडी मेडिकल कालेज के 25 जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस ने मारपीट के साथ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। डॉक्टरों पर मरीजों तथा उनके परिवारीजनों से मारपीट के आरोप के बाद यह एफआईआर हुई है।
पुलिस की इस सख्ती के बाद जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल के अपने हथियार का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। पुलिस पर दबाव बनाने के लिए उन्होंने सोमवार को उन्होंने कार्य बहिष्कार किया। हालांकि मरीजों से मारपीट की वारदात में अभी कोई सुधार नहीं हुआ। शनिवार की रात में पुलिस ने एक साथ 13 डॉक्टरों पर केस दर्ज किया। इसके बावजूद उस रात एक और मरीज के तीमारदार को जूनियर डॉक्टरों द्वारा पीटने जाने की घटना सामने आई। तीमारदार ने मेडिकल कालेज चैकी पर तहरीर दी है।
ये हुए मुकदमे
– 7 जनवरी 2018, गगहा के उतमहा गांव के सूरज की तहरीर पर पुलिस ने डॉक्टर कर्मचन्द गांधी व छह अज्ञात के खिलाफ 147, 342, 323, 504, 506 आईपीसी व सेवन सीएल व एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मेडिकल कालेज की चैकी में घुसकर सूरज को पीटने का इन पर आरोप था।
– 12 सितम्बर 2018 महिला सरोज देवी पत्नी केशव की तहरीर पर बालरोग की ओपीडी तैनात अज्ञात डाक्टरों के खिलाफ पुलिस ने 323,504,506,308 व3(1)एससीध्एसटी एक्ट में केस दर्ज किया है।
– 12 सितम्बर 2018 को पुलिसकर्मी के बेटे विवेक की तहरीर पर पुलिस ने तीन अज्ञात जुनियर डाक्टरों के खिलाफ धारा 379 279,323,504,506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
– 15 सितम्बर 2018 की रात में पुलिस ने इन्द्रप्रस्थपुरम कॉलोनी के शिव कुमार सिंह की तहरीर पर जूनियर डॉ. राहुल सरीन, डॉ. अकील अहमद, डॉ. विजय कुमार, डॉ. अभिषेक चंद, डॉ. मनोज कुमार एवं सात-आठ अन्य जूनियर डॉक्टरों सहित 13 डॉक्टरों के खिलाफ धारा 147, 146, 149, 307, 323, 504, 506, 326, 342, 394, 7 सीएलए एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


















