IMD Weather Forecast: मई में कहीं बरसेगी ‘राहत’ तो कहीं लू ढहाएगी कहर, मानसून पर आया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली। साल 2026 में मई महीने की शुरुआत ने देशवासियों को हैरान कर दिया है। जहां एक तरफ सूरज के तीखे तेवर और भीषण गर्मी की आशंका थी, वहीं देश के कई राज्यों में आंधी-बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। हालांकि, यह राहत स्थायी है या फिर आने वाले दिनों में आसमान से ‘आग’ बरसेगी? इसे लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को अपना मासिक बुलेटिन जारी कर दिया है। विभाग की मानें तो आने वाला वक्त कुछ राज्यों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।

इन राज्यों में चलेगी प्रचंड लू: मौसम विभाग की चेतावनी

आईएमडी (IMD) ने अपने मासिक पूर्वानुमान में साफ किया है कि मई का महीना मिला-जुला रहेगा। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक, गुजरात, महाराष्ट्र, पूर्वी तटीय राज्यों और हिमालय के तराई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक दिनों तक ‘हीटवेव’ यानी लू चलने की संभावना है। यानी इन राज्यों में रहने वाले लोगों को मई में भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा।

मानसून पर बड़ी खबर: अंडमान में जल्द देगा दस्तक

भीषण गर्मी के बीच एक अच्छी खबर भी सामने आई है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि साल 2026 का दक्षिण-पश्चिमी मानसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। 14 से 16 मई के आसपास मानसून के अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में पहुंचने की उम्मीद है। महापात्र ने बताया कि मई के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में औसत वर्षा सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है, जो खेती और जलस्तर के लिहाज से शुभ संकेत है।

दिल्ली-NCR में मौसम का मिजाज: एक हफ्ते तक राहत के आसार

राजधानी दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। पिछले कुछ दिनों से जारी आंधी और हल्की बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले एक सप्ताह तक आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। विशेष रूप से 4 और 5 मई को दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे पारा और गिरेगा।

राजस्थान और हिमालयी क्षेत्रों में ‘ऑरेंज अलर्ट’

राजस्थान के कई हिस्सों में हुई ओलावृष्टि के बाद मौसम विभाग ने 6 मई तक आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर संभाग में तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। वहीं, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

अल नीनो का साया: क्या प्रभावित होगा मानसून?

मौसम विभाग ने ‘अल नीनो’ (El Niño) को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। वर्तमान में प्रशांत महासागर में स्थितियां अल नीनो की ओर विकसित हो रही हैं। मानसून मिशन के पूर्वानुमानों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी मानसून के मौसम के दौरान अल नीनो का प्रभाव देखने को मिल सकता है, जिससे प्रशांत महासागर के पानी में आवधिक तापन होगा। इसका सीधा असर बारिश के वितरण पर पड़ सकता है।

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