
7 अक्टूबर को इजराइल पर हमास के हमले के बाद सेना अब तक सीमा के पास वाले इलाके में शवों की तलाश कर रही है। इस हमले में करीब 1400 इजराइलियों की मौत हुई थी। छानबीन के दौरान मंगलवार को इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसे एक कॉल रिकॉर्डिंग मिली है। दरअसल, सेना को यह रिकॉर्डिंग मेफल्सिम इलाके से एक यहूदी महिला के फोन में मिली। IDF के मुताबिक, हमास के लड़ाके ने महिला और उसके पति की हत्या के बाद उसी के फोन से अपने घर कॉल किया था। इस लड़ाके का नाम माहमूद है और वो नुखबा सेना का सदस्य है।
सेना ने बताया- कॉल पर लड़ाके ने अपने माता-पिता को कहा कि वह अब तक 10 यहूदियों की हत्या कर चुका है। वह वीडियो कॉल पर इजराइल के हालात दिखाने की भी बात करता है। हमास लड़ाके के माता-पिता की आवाज से लगता है कि वे उसकी बात सुनकर बेहद खुश हैं। वे उसके जल्द घर लौटने की भी कामना करते हैं।
IDF ने बताया कि माहमूद ने एक यहूदी महिला को मारने के बाद उसके फोन से अपने घर पर कॉल किया। उसने अपने पिता से कहा, ”मैं मेफल्सिम इलाके से बात कर रहा हूं। आप वॉट्सऐप खोलकर देखिए मैंने कितने लोगों को मार दिया है। आपके बेटे ने खुद अपने हाथों से यहूदियों की हत्या की है।’
हमास के लड़ाके ने कहा, ”मैं आपको एक यहूदी के फोन से ही कॉल कर रहा हूं। मैं उसे और उसके पति को मार चुका हूं। मैं अब तक 10 यहूदियों की हत्या कर चुका हूं। उनका खून मेरे हाथों पर लगा है।” ये सुनकर उसके पिता खुशी से रोने लगते हैं। उन्होंने कहा- अल्लाह तुम्हारी हिफाजत करे बेटा। इसके बाद माहमूद की मां ने कहा- काश मैं वहां तुम्हारे साथ होती।
इतने में माहमूद अपने साथियों की तरफ देखकर चिल्लाने लगता है। कहता है- किल देम यानी इन सभी को मार डालो। उसने आगे कहा- मां मैं अल्लाह की मदद से यहां सबसे पहले पहुंचा था। आपका बेटा एक हीरो है। अब आप लोगों का सिर गर्व से उठ जाएगा। मैंने अकेले अपने हाथों से 10 यहूदियों की हत्या की है।
इसके बाद उस लड़ाके का भाई आला कहता है, ”माहमूद अब तुम्हें वापस गाजा आ जाना चाहिए। इतना काफी था। अब लौटना चाहिए। इस पर हमास के लड़ाके ने कहा- यहां से अब कोई वापसी नहीं है। अब या तो मौत है या जीत। मेरी मां ने मुझे इस्लाम के लिए जन्म दिया था। अब मैं वापस कैसे आ सकता हूं। तुम फोन उठाओ और देखो मैंने कितने लोगों को मार दिया है।” वो अपने माता-पिता से भी वॉट्सऐप चेक करने को कहता है। माहमूद ने कहा- मैं आप लोगों को वीडियो कॉल पर सब दिखाना चाहता हूं। इसके बाद माहमूद के भाई आला ने कहा- ठीक है, लेकिन वादा करो तुम वापस जरूर आओगे। तुम सुरक्षित रहना।
7 अक्टूबर को इजराइल में घुसे थे हमास के लड़ाके
हमास ने 7 अक्टूबर को सुबह करीब 6 बजे इजराइल पर हमला किया था। इजराइल का बॉर्डर पार करके हमास लड़ाके लोगों पर गोलियां बरसाने लगे थे। इसके अलावा हमास रॉकेट से भी हमले कर रहा था। जिन जगहों पर हमास ने सबसे ज्यादा लोगों को निशाना बनाया, उनमें किबुत्ज बीरी, स्देरोट, कफार अज्जा, नीर ओज और नोवा फेस्टिवल शामिल रहे।
इन जगहों पर हमास के शुरुआती हमलों में ही 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले किबुत्ज में हमले से पहले करीब 350-400 लोग थे। हमले के बाद यहां मुश्किल से 200 लोग बचे हैं।
गिरफ्तार हमास लड़ाके बोले- हमले का इस्लाम से लेना-देना नहीं: एक बंधक पर 8.30 लाख रुपए और घर मिलने वाला था
हमने इजराइल में घुसकर लोगों की जान ली। यह ISIS जैसा काम था। इसका इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। हमें इजराइलियों को बंधक बनाकर गाजा ले जाने का आदेश मिला था। हर एक बंधक के बदले हमें करीब 8:30 लाख रुपए और एक अपार्टमेंट देने का वादा किया गया था।














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