निकोसिया (साइप्रस)। वैश्विक राजनीति के क्षितिज से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी सेवानिवृत्ति को लेकर अब तक का सबसे चौंकाने वाला बयान दिया है। मैक्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि साल 2027 में उनका दूसरा कार्यकाल समाप्त होने के बाद वे सक्रिय राजनीति को हमेशा के लिए अलविदा कह देंगे। साइप्रस की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान एक स्कूल के छात्रों से बात करते हुए उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं पर से पर्दा उठाया, जिसके बाद न केवल फ्रांस बल्कि पूरे यूरोप में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
“न पहले था, न बाद में रहूंगा”: मैक्रों का दो-टूक जवाब
निकोसिया स्थित फ्रेंच-साइप्रट स्कूल में छात्रों के साथ संवाद के दौरान जब मैक्रों से उनके भविष्य के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही दार्शनिक और स्पष्ट अंदाज में जवाब दिया। मैक्रों ने कहा, “मैं राष्ट्रपति बनने से पहले राजनीति में शामिल नहीं था और कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी राजनीति में नहीं रहूंगा।” उनका यह बयान उन तमाम अटकलों पर विराम लगाता नजर आ रहा है जिनमें कहा जा रहा था कि वे 2027 के बाद किसी अंतर्राष्ट्रीय संस्था या यूरोपीय संघ में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
39 की उम्र में बने थे सबसे युवा राष्ट्रपति, अब विदाई की तैयारी
इमैनुएल मैक्रों का राजनीतिक सफर किसी फिल्म की पटकथा जैसा रहा है। साल 2017 में जब वे पहली बार फ्रांस के राष्ट्रपति चुने गए थे, तब उनकी उम्र महज 39 साल थी और वे फ्रांस के इतिहास के सबसे युवा राष्ट्रपति बने थे। इसके बाद 2022 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल कर दुनिया को अपनी लोकप्रियता का लोहा मनवाया। अब 2027 में उनका मौजूदा कार्यकाल खत्म होने वाला है। संविधान के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति फ्रांस में लगातार दो से अधिक बार राष्ट्रपति पद पर नहीं रह सकता, ऐसे में मैक्रों के पास पद छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, लेकिन राजनीति ही छोड़ देने का फैसला वाकई हैरान करने वाला है।
साइप्रस दौरे पर छात्रों से साझा की मन की बात
मैक्रों इन दिनों यूरोपियन काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक के सिलसिले में साइप्रस के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इसी व्यस्त कार्यक्रम के बीच उन्होंने छात्रों के लिए समय निकाला और उनसे दिल खोलकर बातें कीं। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले नौ वर्षों का सफर आसान नहीं रहा। मैक्रों ने छात्रों से कहा, “नौ साल बाद सबसे कठिन काम यह होता है कि जो आपने अच्छा किया उसे बरकरार रखें और आगे बढ़ें, लेकिन कई बार आपको उन चीजों पर वापस जाना पड़ता है जिन्हें आपने ठीक से नहीं किया था।” उनके इस बयान को उनके कार्यकाल की चुनौतियों और सुधारों (जैसे पेंशन रिफॉर्म) के आत्मचिंतन के रूप में देखा जा रहा है।
क्या 2032 में फिर होगी वापसी? बना हुआ है सस्पेंस
भले ही मैक्रों ने राजनीति छोड़ने की बात कही है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे ‘पार्टी पॉलिटिक्स’ से दूरी मान रहे हैं। फ्रांस के कानून के अनुसार, वे 2027 में चुनाव नहीं लड़ सकते, लेकिन 2032 के राष्ट्रपति चुनाव में वे फिर से उम्मीदवार बनने के पात्र होंगे। हालांकि, मैक्रों ने जिस तरह से “राजनीति में नहीं रहूंगा” शब्द का इस्तेमाल किया है, उससे समर्थकों में निराशा और विरोधियों में कौतूहल है। अब देखना यह होगा कि 2027 के बाद मैक्रों अपनी ऊर्जा का उपयोग समाज सेवा में करेंगे या फिर किसी वैश्विक मंच पर एक नए अवतार में नजर आएंगे।















