मैनपुरी पुलिस व साइबर सेल टीम को मिली बडी सफलता, फ्रॉड करके खाते से रुपए निकालने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़

मैनपुरी। पुलिस अधीक्षक अविनाश पाण्डेय के कुशल निर्देशन में एवं एएसपी मधुबन कुमार सिंह, सीओ सिटी अभय नरायन राय के कुशल नेतृत्व में मैनपुरी पुलिस की साइबर सैल व थाना करहल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मोबाइल से लोगों के पास कॉल करके जालसाजी, चाल फरेब करके खाते से रुपए निकाल लेने वाले गिरोह का मैनपुरी पुलिस और साइबर सेल ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस द्वारा डाली दविश के दौरान तीन ठग पकड़े गए हंै। दो ठग भागने में सफल हो गये हैं। पकड़े गए ठगों के कब्जे से मोबाइल व कम्प्यूटर और सिमें व ठगी की गई 41,100 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

पुुुलिस अधीक्षक अविनाश पाण्डेय ने प्रेसवार्ता में बताया कि उनके सामने उपस्थित होकर करहल निवासी अलकेश कुमार ने कहा था कि उनसे प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर मोवाइल पर ओटीपी भेजकर 35,500 रुपए की ठगी की गई थी। जिसके संबंध में थाना करहल पर मुकदमा पंजीकृत हुआ था।

जिसके बाद मामले को एसपी ने गंभीरता से लेते हुए सीओ सिटी अभय नरायन राय के नेतृत्व में साइवर सेल, करहल पुलिस की टीमों का गठन किया। टीम की जांच में पाया गया मोबाइल पर ओटीपी भेजकर फ्रॉड करके समथर झांसी के एक बैंक शाखा के बैंक खाते में रुपया गया। इसके कानपुुुर में एटीएम से रुपए निकाले जा रहे है। साइबर सेल ने जांच में पाया कानपुर के ककवन थाना क्षेत्र में एक फ्रॉड गैंग सक्रिय है। जो पीड़ितों से प्रधानमंत्री आवास/बम्पर लाटरी लगने का झांसा देकर मोवाइल पर ओटीपी भेजकर बैंक खाते से धनराशि निकाल लेता है।

शनिवार को साइवर सेल प्रभारी विक्रम सिंह और करहल थाना इंस्पेक्टर शिव कुमार चैहान, उपनिरीक्षक विकास भारती ने पुलिस बल के साथ दविश देकर सरगना सहित दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों पूछतांछ में अपने नाम विजय सिंह पुत्र धर्मपाल, मलखान सिंह पुत्र जगमोहन, वीरेन्द्र पुत्र धर्मपाल निवासी अहमदपुर नदिया बंजारन पूरवा थाना ककवन कानपुर बताया है। जिनके कब्जे से पुलिस ने दो एन्ड्राइड मोवाइल, एक कम्प्यूटर, नौ सिमें, ठगी किए गए 41,100 रुपए बरामद किए है। पुलिस की दविश के दौरान दो अभियुक्त गुड्डू और बबलू भागने में सफल हो गए हैं।

जामतारा वेव सीरीज देखकर सीखा फ्राड करना
पकड़े ठगों ने पुलिस को बताया कि उन्होने जामतारा वेव सीरीज देखकर फ्राड करना सीखा था। जो फर्जी आईडी से सिमें खरीदकर गांव के पास बने मंदिर पर बैठकर अपने काम को अंजाम देते थे। और गरीबों के बैंक खाता किराए पर लेकर फ्रॉड करके मंगाई गई धनराशि जमा कराते थे।

डेढ़ वर्षो से कर रहे थे अपराध
पकड़े गए ठगो के अनुसार वह लगभग डेढ साल से ठगी का काम कर रहे है। ठगी करके उन्होने बुलैरो, ट्रैक्टर सहित अन्य करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित कर ली है।

ठगी की गई धनराशि पीड़ितों को वापस करने का किया जा प्रयास
एसपी ने बताया कि ठगो के द्वारा लोगो के खातो से ठगी की गई धनराशि को वापस भिजवाने के प्रयास किए जा रहे है। कई खाता धारको की रकम वापसी कराई जा चुकी है। एसपी ने पुलिस टीम को 20,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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