मोहाली में नकली आयुर्वेदिक दवाओं के बड़े रैकेट का भंडाफोड़: लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद भी चल रही थी फैक्ट्री, पुलिस ने किया सील

 

मोहाली : पंजाब के मोहाली जिले के डेराबस्सी में नकली आयुर्वेदिक दवाएं बनाने और उनकी सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को सील कर दिया है और कॉपीराइट अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

हैरान करने वाली बात यह है कि जिस फैक्ट्री में यह गोरखधंधा चल रहा था, उसका ड्रग लाइसेंस बीती 1 जून 2026 से ही निलंबित (सस्पेंड) चल रहा था, लेकिन इसके बावजूद वहाँ अवैध रूप से दवाओं का उत्पादन धड़ल्ले से जारी था।

यह पूरा मामला उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित ‘राहत हर्बल रेमेडीज’ कंपनी के प्रोडक्शन मैनेजर की शिकायत पर सामने आया। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी कंपनी पिछले कई दशकों से ‘नूरानी तेल’ और ‘राहत’ ब्रांड के नाम से प्रसिद्ध आयुर्वेदिक उत्पाद बना रही है।

आरोप है कि डेराबस्सी-बरवाला रोड पर स्थित हंसा पार्क में कुछ जालसाज उनकी कंपनी के असली ट्रेडमार्क, लोगो, लेबल और पैकेजिंग हूबहू नकल कर नकली दवाएं तैयार कर रहे थे। इस नकली खेल के कारण कंपनी की साख तो खराब हो ही रही थी, साथ ही हर महीने करीब 50 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा था।

शिकायत मिलने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ज्योति बब्बर ने पुलिस टीम और पीड़ित कंपनी के प्रतिनिधियों को साथ लेकर फैक्ट्री पर अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में नकली पैकेजिंग सामग्री, शीशियां और जाली लेबल बरामद किए गए।

पुलिस ने मामले में लाफिया, अर्शद, सोनिका और पीयूष समेत कई लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का अनुमान है कि इस नकली आयुर्वेदिक दवाओं का यह नेटवर्क राज्य के कई अन्य बड़े शहरों तक फैला हुआ है, जिसको लेकर आगे की तफ्तीश की जा रही है।

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