बंगाल चुनाव में भारी बवाल: मुर्शिदाबाद से कूचविहार तक भिड़े समर्थक, लाठीचार्ज के बाद धरने पर बैठे हुमायूं कबीर

कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का आगाज़ होते ही लोकतंत्र के उत्सव पर हिंसा का साया मंडराने लगा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसक झड़प और तनाव की खबरें सामने आ रही हैं। सबसे भयावह स्थिति मुर्शिदाबाद में देखने को मिली, जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) और आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।

मुर्शिदाबाद बना अखाड़ा, पत्थरबाजी और मारपीट का वीडियो वायरल

मुर्शिदाबाद जिले में मतदान के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब टीएमसी और एयूजेपी संस्थापक हुमायूं कबीर के समर्थक आमने-सामने आ गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी और मारपीट हो रही है। केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस ने बीच-बचाव कर उपद्रवियों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित भीड़ को शांत करने के लिए अंततः बल प्रयोग करना पड़ा।

पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे हुमायूं कबीर

हिंसा की इस घटना के बाद एयूजेपी नेता हुमायूं कबीर ने पुलिस और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कबीर ने आरोप लगाया कि पुलिस उनके समर्थकों को घरों में घुसकर निशाना बना रही है। उन्होंने कहा, “जब तक दोषी पुलिस अधिकारियों को हटाया नहीं जाता और जनता को भयमुक्त होकर वोट डालने का अधिकार नहीं मिलता, मैं धरने से नहीं उठूंगा। टीएमसी के गुंडों पर चुनाव आयोग को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

टीएमसी का पलटवार: कबीर पर लगाया ‘गुंडागर्दी’ का आरोप

दूसरी ओर, टीएमसी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए हुमायूं कबीर पर ही माहौल बिगाड़ने का आरोप मढ़ा है। नओदा ब्लॉक अध्यक्ष सोफिउज़्जमान शेख हबीब ने कहा कि हुमायूं कबीर 15 गाड़ियों के काफिले और अपराधियों के साथ इलाके में दहशत फैलाने आए थे। हबीब ने चेतावनी देते हुए कहा कि वे इलाके में अराजकता बर्दाश्त नहीं करेंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण मतदान चाहते हैं।

सिलीगुड़ी और कूचविहार में भी तनावपूर्ण स्थिति

सिर्फ मुर्शिदाबाद ही नहीं, बल्कि सिलीगुड़ी और कूचविहार से भी छिटपुट हिंसा और झड़पों की खबरें मिली हैं। कई पोलिंग बूथों पर मतदाताओं को डराने-धमकाने की शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। चुनाव आयोग ने इन घटनाओं पर रिपोर्ट तलब की है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। बंगाल के इस चुनावी दंगल में पहले ही दिन हुई हिंसा ने आने वाले चरणों के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha