उन्नाव रेपकांड : विधायक के भाई का कचहरी के हवालात में HIGH VOLTAGE DRAMA, बंदी का किया ये हाल…

Atul Sengar File Photo

कानपूर : उन्नाव रेपकांड के आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल ने कचहरी के हवालात में बंदी आलम को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कचहरी में पहले से मौजूद अतुल के आधा दर्जन गुर्गों ने आलम को लात-घूंसों से धुना। मामला शुक्रवार का है। मौजूद सिपाहियों ने विरोध किया तो अतुल समेत गुर्गे उन्हें मारपीट पर अमादा हो गए। हवालात अफरातफरी मच गई। बंदियों के हस्ताक्षेप के बाद आलम को छोड़ा।

कचहरी से एक बैग में कई जोड़े कपड़े व भारी मात्रा में खानपान का सामान लेकर जेल पहुंचा अतुल तलाशी के दौरान जेलकर्मियों से भिड़ गया। जेल प्रशासन ने अतुल का सारा सामान जब्त करा लिया। सख्त हिदायत देते हुए अतुल को बैरक में बंद करा दिया। इस कांड में अतुल सेंगर समेत सात आरोपी लखनऊ की जिला जेल में बंद हैं। शुक्रवार को अतुल पुलिस अभिरक्षा में अदालत गया था।

सूत्रों की मानें तो कचहरी के हवालात में अतुल के साथ पेशी पर गया बंदी आलम भी था। दोनों के बीच मामूली कहासुनी के बाद अतुल आलम को पीटने लगा। इस दौरान एक सिपाही ने उन्हें रोका तो गुर्गों ने उसकी भी धुनाई कर दी। हवालात के बंदियों व वहां मौजूद पुलिस ने आलम को छुड़वाया। तब जाकर मामला शांत हुआ। अतुल के अन्य सह आरोपी आलम की बैरक में बंद है। दोनों के बीच वर्चस्व को लेकर पहले कई बार कहासुनी हो चुकी है। बैरक अलग होने की वजह से अतुल आलम से नही मिल पा रहा था।

शुक्रवार को पेशी गए दोनों कचहरी लॉकअप में सामने होने पर दोनों के बीच कहासुनी होने पर अतुल व उसके गुर्गों ने आलम की धुनाई शुरू दी। तलाशी के दौरान अतुल का हंगामा कचहरी से जेल पहुंचा अतुल हाथ में एक बड़ा बैग लिए थे। दूसरे गेट पर जेलकर्मियों ने अतुल से तलाशी के लिए बैग मांगा तो वो उल्टा जेलकर्मियों को अर्दब में लेते हुए बैग देने से मना कर दिया।

जेलकर्मियों के कई बार कहने पर अतुल हंगामा करने लगा और जेलकर्मियों को देख लेने की धमकी देने लगा। शोर शराबा बढ़ता देख जेलर, डिप्टी जेलर के साथ दर्जन भर से ज्यादा जेलकर्मी और लम्बरदार आ गए। अपने को घिरता देख अतुल ने सरेंडर कर दिया। जेलकर्मियों ने बैग में देखा तो कई जोड़ी कपड़े और खानपान का भारी मात्रा में सामान था। जिसे जेलकर्मियों ने जब्त कर लिया।

सघन तलाशी के बाद अतुल को बैरक में बंद करा दिया। जेल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अतुल के सहआरोपियों की बैरकें बदल दी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पाण्डेय बताते हैं कि कचहरी में हुई मारपीट की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

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