नेपाल में कुदरत का कहर: तबाही के फ्लैश फ्लड में 1,400 से ज्यादा की मौत, 6,100 से अधिक लोग अब भी लापता

एवलांच के बाद नदी में आया उफान, बह गए गांव के गांव

नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) ने भयानक तबाही मचाई है, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,410 हो गई है, जबकि 6,100 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों का भीषण एवलांच (हिमस्खलन) आया था। इस एवलांच के बाद आई अचानक बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को पूरी तरह तबाह कर दिया।

तबाही के मंजर में बह गए पुल, सड़कें और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट हिमालयी सीमावर्ती इलाकों से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी अपने साथ तबाही का भारी पानी नीचे की ओर ले आई। देखते ही देखते नदी के तेज बहाव में कई घर, गाड़ियां, सड़कें और मुख्य पुल बह गए। इसके अलावा क्षेत्र में मौजूद कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान पहुंचा है। नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड MANAGEMENT अथॉरिटी (NDRRMA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ के कारण हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं और बड़े पैमाने पर नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

प्रभावित जिलों में तेजी से शव बरामद, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी NDRRMA की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक विभिन्न जिलों से कुल 1,410 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 6,145 लोग अभी भी लापता हैं। जिलेवार आंकड़ों की बात करें तो चितवन से 364, नवलपरासी पूर्व से 232, नवलपरासी पश्चिम से 222 और नुवाकोट से 203 शव निकाले गए हैं। इसके अलावा रसुवा से 199, गोरखा से 78, धाडिंग से 72 और तनाहुं से 38 लोगों के शव मिले हैं। वहीं, काठमांडू के अस्पतालों में इलाज के दौरान दो और पीड़ितों ने दम तोड़ दिया।

13 हजार से ज्यादा लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू आपदा के बीच राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अब तक बाढ़ से प्रभावित विभिन्न इलाकों से 13,756 लोगों को सुरक्षित बचाकर निकाला जा चुका है। नेपाली सुरक्षा कर्मियों की विशेष टीमें प्रभावित इलाकों में दिन-रात खोज और बचाव अभियान चला रही हैं, ताकि लापता लोगों का जल्द से जल्द सुराग लगाया जा सके और घायलों तक त्वरित मदद पहुंचाई जा सके।

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