NEET पेपर लीक में CBI का बड़ा खुलासा: 5 राज्यों में बिका था पर्चा, महाराष्ट्र बना सबसे बड़ा केंद्र, अब रसूखदार माता-पिता पर कसेगा शिकंजा

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की तफ्तीश में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है। सीबीआई की जांच के मुताबिक, नीट का प्रश्नपत्र देश के पांच राज्यों में धड़ल्ले से बेचा गया था। इस काली कमाई और लीक के खेल में सबसे ज्यादा पेपर की बिक्री महाराष्ट्र में हुई, जबकि इस फेहरिस्त में दूसरे नंबर पर राजस्थान का नाम सामने आया है। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ और उनके डिजिटल गैजेट्स को खंगालने के बाद इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश हुआ है।

सीबीआई की रडार पर रसूखदार माता-पिता, तैयार हो रही लिस्ट

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, इस महाघोटाले में अब सिर्फ पेपर लीक करने वाले बिचौलिए, सॉल्वर गैंग और मास्टरमाइंड ही जांच एजेंसियों के निशाने पर नहीं हैं, बल्कि भारी-भरकम रकम देकर अपने बच्चों के लिए पेपर खरीदने वाले रसूखदार माता-पिता (अभिभावक) भी सीधे रडार पर आ गए हैं। जांच एजेंसी अब उन सभी पेरेंट्स की एक विस्तृत सूची तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से इस रैकेट के मुख्य किरदारों—शिवराज मोटेगांवकर, पी वी कुलकर्णी या उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे के बैंक खातों में मोटी रकम ट्रांसफर की गई थी।

महाराष्ट्र से ऑपरेट हो रहा था पूरा ‘क्वेश्चन बैंक’

मीडिया रिपोर्ट्स और अब तक की कड़ियों को जोड़ने पर सामने आया है कि नीट पेपर लीक का सबसे बड़ा और मुख्य केंद्र महाराष्ट्र ही था। यहीं से एक सुनियोजित साजिश के तहत राजस्थान और देश के अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों तक पूरा का पूरा ‘क्वेश्चन बैंक’ पहुंचाया गया था। चौंकाने वाली बात यह भी है कि जांच में कुछ ऐसे परिजनों के नाम भी सामने आए हैं, जिन्होंने मोटी रकम वसूलने के लिए खरीदे हुए पेपर को आगे दूसरे लोगों और छात्रों को भी री-सेल (बेच) कर दिया था।

प्रिंट निकालकर बेचा गया पेपर, संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल

सीबीआई को अपनी पड़ताल के दौरान महाराष्ट्र और राजस्थान में लीक प्रश्नपत्र के प्रिंट निकालकर धड़ल्ले से बेचने के पुख्ता और पुख्ता सबूत मिले हैं। चूंकि पेपर को प्रिंटेड फॉर्म में हाथों-हाथ बेचा गया, इसलिए एजेंसी के लिए अभी सटीक रूप से यह तय कर पाना बेहद मुश्किल हो रहा है कि आखिरकार यह पेपर कितने सौ या हजार छात्रों तक पहुंचा। सीबीआई का मानना है कि जैसे-जैसे इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होंगी, पेपर लीक का यह दायरा और ज्यादा बड़ा और भयावह हो सकता है।

तीन राज्यों में सीबीआई की छापेमारी की तैयारी, धरपकड़ शुरू

जांच एजेंसी ने दावा किया है कि पेपर लीक करने और इसे बाजार में खपाने वाले ज्यादातर बड़े और मुख्य चेहरों को बेनकाब कर दिया गया है, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अलावा बाहर के कुछ और संदिग्ध किरदार अभी भी शक के घेरे में हैं, जिनके खिलाफ कंक्रीट सबूत जुटाए जा रहे हैं। इस बीच, सीबीआई की तीन विशेष टीमें पेपर खरीदने वाले परिजनों और संदेहास्पद छात्रों की धरपकड़ के लिए पूरी तरह मुस्तैद हो चुकी हैं। बीते 20 मई की रात को महाराष्ट्र से इस ताबड़तोड़ कार्रवाई की शुरुआत भी हो चुकी है और बेहद जल्द सीबीआई अन्य राज्यों में भी कड़े छापे मारने की तैयारी में है।

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