हजरत पैगम्र साहब पर अभद्र टिप्पणी किये जाने पर मुस्लिम समाज मंे आक्रोश व्याप्त

  • जुमे की नमाज के बाद एसडीएम को ज्ञापन देकर की कारवाही की मांग

भोगांव/मैनपुरी। दिल्ली प्रेस क्लब में विगत दो मार्च को यति नरसिंघानंद सरस्वती द्वारा मुस्लिम समुदाय के हजरत पैगम्बर मुहम्मद साहब के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किये जाने पर मुस्लिम समाज में आक्रोश व्यापत है। शुक्रवार को जुमे ही नमाज के बाद नगर के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुये उनके विरुद्ध कार्यवाही किये जाने की मांग की है। ज्ञात हो कि विगत दो मार्च को यति नरसिंघानंद सरस्वती द्वारा मुस्लिम समुदाय के हजरत पैगम्बर मुहम्मद साहब के प्रति अभद्र टिप्पणी किये जाने के एक माह बीत जाने के बाद भी अभी तक उसके विरूद्ध कारवाही न किये जाने पर मुस्लिम समाज के आक्रोश व्याप्त है। शुक्रवार को जुमे ही नमाज के बाद नगर की जामा मस्जिद पर पहुंचे एसडीएम सुधीर कुमार एंव पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर सिंह को मुस्लिम समाज के जामा मस्जिद सदर मु0 शकील उर्फ फूल मिंया, जामा मस्जिद इमाम मौलाना खालिद रजा नूरी, अहमद अली, तौसीफ खान, आरिफ अली, अलाउददीन, नूर मु0, हाफिज आजाद आदि ने एसडीएम सुधीर कुमार को ज्ञापन सांैपते हुये कहा कि दो मार्च को दिल्ली प्रेस क्लव मंे नरसिंहानन्द सरस्वती ने मुस्लिम समाज के पैगम्बर साहव के सम्बन्ध मंे गलत व अशाोभनीय शव्दांे का इस्तेमाल किया था। जिससे मुस्लिम समाज में जबरदस्त आक्रोश है। इसकी जितनी भत्र्सना की जाये वो कम है। ऐसे लोग समाज मंेे आपसी भाईचारे को चोट पहुंचाते है। उन्होने पूर्व में भी पूर्व राष्ट्रपति ंव भारत रत्न एपीजे अब्दुल कलाम के बारे में टिप्पणी कर चुके हंै। ऐसे लोगांे के विरूद्ध सरकार को कठोर कारवाही करनी चाहियेे जिससे देश में सामाजिक एकता बनी रहे।

प्रपत्रों की जांच कराने आये प्रत्याशी के भाई से ली गई दो सौ रूपयों की रिश्वत
किशनी/मैनपुरी। त्रिस्तरीय चुनाव कुछ रिश्वतखोरों के लिये सहालग के तौर पर आये हैं। चुनाव लडने वाले प्रत्याशियों से हर काम के लिये जमकर पैसे वसूले जा रहे हैं। भारी भीड के बीच प्रत्याशी नहीं चाहता कि घंटों लाइन लगाने के बाद उसे चन्द सिक्कों के कारण उसके कागजों को अधूरा कह कर फैंक दिया जाय तथा उसे दुबारा से लम्बी लाइन में खडा होने पडे। इसी से प्रत्याशी से जो जितना मांगता है। प्रत्याशी उसे चुपके से दे देता है। पर कभी कभी रिश्वतखोरी के कारनामे उजागर हो जाते है ता आरोपी बगलें झांकने लगते हैं। साथ ही उनके अधिकारी भी जबाब देने से बचते नजर आते हैं।

विकास खण्ड कार्यालय में प्रपत्रों की जांच युद्धस्तर पर चल रहा है। कार्यालय में प्रत्याशियों की भीड शुक्रवार को भी दिखी। इसी बीच प्रपत्रों की जांच के लिये भी जमकर रिश्वत का खेला किया जा रहा है। न्याय पंचायत कैथपुर की ग्रामसभा कुतूपुर निवासी सुनील भी अपने प्रपत्रों की जांच कराने ब्लॉक पर आये हुये थे। उनसे भी काउन्टर पर दो सौ रूपयों की घूस मांगी गई। उन्होंने एक हाथ से अपने प्रपत्र एआरओ के हाथों में सौंपे और हस्ताक्षर किये तो दूसरे हाथ से दो सौ रूपये एआरओ महोदय को थमा दिये। उसी समय किसी ने उनका वीडियो बना लिया और वायरल कर दिया। बाद में पूछने पर भी सुनील ने बताया कि हां उससे दो सौ रूपये लिये गये हैं। गौरतलब है कि अदेय प्रमाणपत्र देने, नो ड्यूज बनबाने से लेकर प्रपत्र जमा करने के नाम पर भी कुछ एआरओ तथा अन्य कर्मचारियों ने जमकर रूपयों की वसूली की है। वसूली से परेशान कई प्रत्याशियों ने बुधवार को ब्लॉक में हंगामा किया और कार्यवाही करने की मांग करते हुये प्रदर्शन भी किया था। समाचार पत्रों में खबर छपने के बाद भी उक्त प्रकरण पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। आरओ से पूछने पर उन्होंने अपनी सफाई तो दी पर बार बार पूछने पर भी उस रिश्वत लेने वाले का नाम नहीं बताया।

यश वर्मा आरओ
यदि किसी की जांच नहीं हो रही थी या किसी को कोई एआरओ परेशान कर रहा था तो कायदे में उसे मेरे पास आकर शिकायत करनी चाहिये थी। पर मेरे पास तो कोई शिकायत करने नहीं आ रहा है। आपकी जानकारी पर मैंने एआरओ साहब को तगडी डांट पिलाई और ये सारा काम बन्द कराया।

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