यात्रीगण ध्यान दे ! अब आप भी चलती ट्रेन में कर सकेंगे हर क्राइम की FIR, जानिए कैसे

रेल यात्रियों की सुविधा के लिए गुरुवार को जीआरपी की वेबसाइट और सहयात्री मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया। एनडीएमसी कंवेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने वेबसाइट और ऐप लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस ऐप के जरिए रेल यात्री किसी भी समय अपने साथ हुए अपराध की एफआईआर चलती हुई ट्रेन से दर्ज करा सकेंगे। वहीं अपनी शिकायत और सुझाव भी ऐप के जरिए दे सकेंगे। वहीं जीआरपी की वेबसाइट से लोगों को रेलवे के संबंध में जानकारियों मिलने के साथ अधिकारियों को रेल में अपराध करने वाले बदमाशों के बारे में जानकारी मिल सकेगी, जिससे अपराध पर अंकुश लगाकर रेल यात्रा को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

24 राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश के जीआरपी प्रमुखों को वेबसाइट का सुपर एडमिन बनाया गया है। अलग-अलग उपयोगकर्ता आईडी व पासवर्ड दिए गए हैं। अधिकारी अपनी आवश्यकता अनुसार नियंत्रण पर्यवेक्षक अधिकारियों के लिए आगे अकाउंट बना सकते हैं। अपराधियों के आपराधिक डेटा बेस (कंपेंडियम) में पूरे भारत में रेलवे के क्षेत्राधिकार में देखा जा सकेगा। डकैत, लुटेरों, झपटमार, बैग उठाने वाले, जेबतराश, नशीले पदार्थों के तस्कर और बच्चा चोरी करने वाले बदमाशों की तस्वीर और गिरोह के सदस्यों के बारे में सभी राज्यों की जीआरपी को जानकारी मिल सकेगी।

बदमाश ट्रेन में बार-बार अपराध करते हैं, ऐसे में इनकी पहचान और इन्हें पकड़ना आसान हो जाएगा। इसके अलावा, अज्ञात शव, लापता व्यक्ति, वांछित अपराधी, फरार व घोषित अपराधी और अन्य महत्वपूर्ण मामले, कानून और व्यवस्था से संबंधित मुद्दों का विवरण भी सभी राज्यों के जीआरपी के बीच साझा किया जा सकेगा। प्रमुख घटना व महत्वपूर्ण सूचनाओं के साथ यात्रियों की भीड़, प्रदर्शन, विरोध, बंद, त्योहार का मौसम या किसी भी दुर्घटना की सूचना भी एक साथ सभी राज्यों की जीआरपी को दी जा सकेगी, जिससे कानून व्यवस्था के साथ यात्रियों की सुविधा के लिए समय पर कार्य किया जा सकेगा। जीआरपी की वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली है, जिसे एंड्रॉइड और आईओएस के लिए हाइब्रिड ऐप्लिकेशन में भी विकसित किया गया है। यह वेबसाइट एसएसएल (सुरक्षित सॉकेट लेयर) के साथ भी सुरक्षित है। वेबसाइट अंग्रेजी और हिंदी में होने के साथ इसे फॉन्ट एन्हांसर की सुविधा के साथ दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए भी तैयार किया गया है।

वेबसाइट के होम पेज पर हमारे बारे में, नागरिक सेवाएं, उपयोगी लिंक्स, हमसे संपर्क करें, लॉगिन करें, महत्वपूर्ण हेल्प लाइन नंबर, घोषणाएं, लापता व्यक्ति, डेड बॉडीज, महत्वपूर्ण कानून और आदेश नोटिस और प्रतिक्रिया आम जनता के लिए सुलभ हैं। वेबसाइट के सभी पृष्ठों से वन टच के साथ हिम्मत प्लस, तत्पर और सहयात्री जैसे ऐप भी दिखाई देंगे। वेबसाइट से दिल्ली जीआरपी पुलिस स्टेशन के जियो टैगिंग के साथ 30 सेवाओं की जानकारी मिलेगी।

शिकायत व एफआईआर करने के लिंक के साथ टैक्सी व ऑटो के विवरण भी मिलेंगे। मोबाइल ऐप सहयात्री को किसी भी मोबाइल फोन पर चलाया जा सकेगा। रेल यात्रियों के लिए इसका हाइब्रिड ऐप्लिकेशन विशेष रूप से डिजाइन किया गया है ताकि संबंधित पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र और जीआरपी अधिकारियों के विवरणों को गूगल मैप के साथ जियो-टैगिंग द्वारा पता लगाया जा सके। इसके अलावा, ऐप में क्यूआर कोड को स्कैन करने और पढ़ने और एक आपातकालीन कॉल करने की सुविधा भी होगी।

ऐप और वेबसाइट लॉन्च किए जाने के मौके पर दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक, आरपीएफ के महानिदेशक अरुण कुमार, विशेष आयुक्त प्रवीर रंजन, उत्तर रेलवे के जीएम टीपी सिंह, आरपीएफ के आईजी एसएन पांडे व डीसीपी डीके गुप्ता समेत जीआरपी प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश के प्रतिनिधि, दिल्ली पुलिस और आरपीएफ के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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