VIDEO : अखिलेश का बड़ा आरोप- योगी सरकार ने एयरपोर्ट पर रोका..

आगामी लोक सभा चुनाव के पहले सियासी माहौल गरमा गया है. सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है. हाल में ही सपा-बासप गठबंधन के बाद यूपी में भाजपा के लिए एक बड़ी परेशानियो का दौर शुरू हो गया है. इस बीच कांग्रेस ने भी तीन राज्यों में जीत के बाद अब यूपी में आगमी लोक सभा में जीत हासिल करने के लिए अपनी बहन प्रियंका पर दांव लगाया है. इस बीच एक बड़ी खबर ने सियासत को गरमा दिया है.

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बताते चले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अमौसी एयरपोर्ट पर प्रशासन ने रोक लिया है। बताया जा रहा है कि छात्र संघ के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वो प्रयागराज जा रहे थे। ये बात अलग है कि प्रशासन ने अखिलेश यादव को रोके जाने की वजह नहीं बताई है। हालांकि अखिलेश यादव को रोके जाने पर समाजवादी पार्टी के नेता सीएम योगी आदित्यनाथ को जिम्मेदार बता रहे हैं।

अखिलेश यादव ने साधा सरकार पर निशाना  

लखनऊ एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार डरी हुई है। वो छात्रसंघ के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। लेकिन उन्हें बेवजह लखनऊ एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। अखिलेश यादव को रोके जाने से नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने एयरपोर्ट का घेराव किया।

लखनऊ में अखिलेश यादव को रोके जाने पर रामगोपाल यादव ने योगी सरकार पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को इजाजत थी। वो इसके लिए सीधे तौर पर सीएम योगी जिम्मेदार ठहराते हैं क्योंकि उनके इशारे पर ही रोका गया और वो नहीं चाहते थे कि अखिलेश यादव प्रयागराज जा सकें।

बता दें कि अखिलेश यादव ने हाल ही में कहा था कि केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश में योगी सरकार लोगों की उम्मीदों पर उतरने में नाकाम रही है। दोनों सरकारें सिर्फ और सिर्फ दमन की राजनीति कर रही है। विपक्ष के नेता अगर अपनी आवाज उठा रहे हैं तो उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। आज दोनों सरकारें अपने वादों को निभाने में नाकाम रही हैं। एक तरफ ये सरकार कहती है कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। लेकिन आज जब इस सरकार के खिलाफ बात की जा रही है तो मुंह को बंद किया जा रहा है।

बदले की राजनीति!

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्र संघ के कार्यक्रम अक्सर सियासी अखाड़े की वजह बनते रहे हैं. साल 2014 में जब छात्रसंघ की अध्यक्ष ऋचा सिंह थीं, तो एक कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था. उस समय प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार थी. तब सपाइयों के जोरदार विरोध की वजह से योगी आदित्यनाथ को रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा था.

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