श्रमिक स्पेशल ट्रेन अब 1200 के बजाय 1700 की यात्री क्षमता के साथ चलेंगी, रास्ते में होंगे 3 ठहराव

नई दिल्ली,। रेलवे ने लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों को जल्द से जल्द उनके राज्यों तक पहुंचाने के लिए सोमवार को मौजूदा 1,200 के बजाय अपनी ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेनों में लगभग 1,700 यात्रियों को ले जाने का फैसला किया।


रेलवे की ओर से सोमवार को जारी आदेश के अनुसार, श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों के नियमों में बदलाव किया गया है। अब ये विशेष रेलगाड़ियां गंतव्य राज्य में तीन स्थानों पर रुकेंगी और अपनी पूरी यात्री क्षमता के साथ चलेंगी। अब तक ये विशेष रेलगाड़ियां रास्ते में किसी भी स्टेशन पर नहीं ठहरती थीं और एक जगह से दूसरी जगह के बीच ही चलती थीं।

आदेश के अनुसार, रेलवे जोन को राज्य सरकारों के अनुरोध पर अंतिम पड़ाव के अलावा गंतव्य राज्य में तीन ठहराव प्रदान करने के लिए कहा गया है। यह भी कहा कि ट्रेन की क्षमता ट्रेन में स्लीपर बर्थ की संख्या के बराबर होनी चाहिए। ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेनों में प्रत्येक कोच में 72 यात्रियों को ले जाने की क्षमता के साथ 24 कोच हैं। वर्तमान में ये ट्रेन प्रत्येक कोच में 54 यात्रियों के साथ चल रही है, जो सामाजिक सुरक्षा मानदंडों के कारण है। रेलवे एक मई से सोमवार तक 468 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों के माध्यम से लाखों प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचा चुका है।

उल्लेखनीय है कि रेल मंत्रालय ने कोरोना (कोविड-19) के मद्देनजर लॉकडाउन के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे प्रवासी श्रमिकों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों, छात्रों और अन्य लोगों को उनके राज्यों तक पहुंचाने के लिए एक मई से ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेन चलाना शुरू किया था। इन विशेष ट्रेनों में केवल राज्य सरकारों द्वारा नामित और पंजीकृत लोगों को ही यात्रा की अनुमति होती है। ट्रेन में सफर करने के लिए यात्रियों को किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं करना होता।

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