मां-बेटियों की लाश देखकर चीख-चीखकर रोया नजफगढ़….कोख से श्मशान तक मम्मी की गोद नहीं छूटी
– एक साथ एक आंगन से उठी मां व दो मासूम बेटियों की अर्थी – बेटियों को जहर खिला चांदनी ने जिंदगी को अलविदा बोला – बहन को मुखाग्नि देने के बाद भांजियों को घाट किनारे दफनाया भास्कर ब्यूरो सरसौल (कानपुर)। सूरज की तपिश भी नजफगढ़ के विलाप को देखकर तनिक कमजोर थी। कच्चे आंगन … Read more







