
मॉस्को/कीव। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार की रात यूक्रेन ने रूसी सरजमीं पर अब तक का सबसे बड़ा और घातक हमला बोलते हुए एक साथ 1000 से ज्यादा आत्मघाती ड्रोन दाग दिए। इस भीषण हमले से राजधानी मॉस्को समेत रूस के कई राज्य दहल उठे। इस हमले में कम से कम 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है।
रूस में भारतीय दूतावास ने की पुष्टि, घायलों से मिले अधिकारी
रूस में मौजूद भारतीय दूतावास ने इस हमले में एक भारतीय की मौत और तीन अन्य भारतीयों के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि की है। भारतीय राजनयिकों और अधिकारियों की एक टीम ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और अस्पताल जाकर घायल भारतीयों से मुलाकात की। सुरक्षा और प्रोटोकॉल के कारणों से अभी तक मारे गए और घायल लोगों की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
One Indian worker has lost his life and three others have been injured in a drone attack in Moscow region earlier today. Embassy officials have visited the location and met the injured workers in the hospital.
The Embassy condoles the loss of life and is working with the…
— India in Russia (@IndEmbMoscow) May 17, 2026
मॉस्को और बेलगोरोद में मची तबाही, तेल रिफाइनरी पर गिरे ड्रोन
रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन के इस बड़े ड्रोन हमले में अकेले मॉस्को में तीन लोगों की जान गई है, जबकि यूक्रेन की सीमा से सटे बेलगोरोद इलाके में एक व्यक्ति की मौत हुई है। मॉस्को में कुल 12 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें तेल रिफाइनरी में काम करने वाले मजदूर शामिल हैं। पूरी रात राजधानी मॉस्को और उसके आस-पास के इलाकों में एयर रेड सायरन गूंजते रहे, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। आसमान में चारों तरफ धमाके और आग की लपटें दिखाई दे रही थीं।
यूक्रेन का मास्टरप्लान: सेना के सेमीकंडक्टर प्लांट और फ्यूल स्टेशनों को बनाया निशाना
‘कीव इंडिपेंडेंट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन ने इस बार बहुत सोच-समझकर रूस के सैन्य और ईंधन से जुड़े सबसे अहम ठिकानों को टारगेट किया। यूक्रेन के ड्रोनों ने जेलेनोग्राद में स्थित ‘एंगस्ट्रेम प्लांट’ पर सीधा हमला किया, यह वही प्लांट है जो रूसी सेना के लिए सबसे महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर और चिप्स बनाता है। इसके अलावा मॉस्को ऑयल रिफाइनरी, सोलनेचनोगोर्स्क और वोलोडार्स्कोये ईंधन स्टेशनों को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
क्रीमिया में घुसा यूक्रेन: एस-400 रडार और एयरफील्ड तबाह करने का दावा
यूक्रेन ने केवल रूसी मुख्य भूमि ही नहीं, बल्कि रूसी कब्जे वाले क्रीमिया पर भी भीषण बमबारी की। यूक्रेनी सेना का दावा है कि उन्होंने क्रीमिया के बेलबेक एयरफील्ड पर रूस के सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम, एस-400 (S-400) रडार सिस्टम के हैंगर, ड्रोन कंट्रोल सिस्टम, डेटा ट्रांसमिशन सेंटर और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर को पूरी तरह नेस्तनाबूत कर दिया है।
मिसाइल बनाने वाला टेक्नोपार्क खाक, मॉस्को एयरपोर्ट्स पर 300 फ्लाइट्स ठप
सोशल मीडिया और टेलीग्राम चैनलों पर वायरल वीडियो के मुताबिक, जेलेनोग्राद का प्रसिद्ध ‘एल्मा टेक्नोपार्क’ इस हमले के बाद पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। इस पार्क में रूस की माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और रोबोटिक्स से जुड़ी बड़ी रिसर्च कंपनियां काम करती हैं। वहीं, दुबना इलाके में क्रूज मिसाइलें बनाने वाले ‘राडुगा डिजाइन ब्यूरो’ को भी निशाना बनाया गया है। इस महाहमले के कारण मॉस्को के शेरमेत्येवो एयरपोर्ट पर करीब 200 फ्लाइट्स और व्नुकोवो एयरपोर्ट पर 100 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द या लेट हो गईं। एयरपोर्ट परिसर में भी ड्रोन के टुकड़े गिरते देखे गए।
राष्ट्रपति जेलेंस्की बोले- ‘रूस को भुगतना होगा अंजाम’, सुरक्षा एजेंसी SBU ने ली जिम्मेदारी
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर किए गए इस चौतरफा हमले को पूरी तरह जायज ठहराया है। जेलेंस्की ने कहा कि रूस लगातार यूक्रेन के मासूम और आम नागरिकों को निशाना बना रहा है, इसलिए हमारी यह जवाबी कार्रवाई बिल्कुल सही है। वहीं, यूक्रेन की खुफिया व सुरक्षा एजेंसी (SBU) ने आधिकारिक बयान जारी कर इस पूरे ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली और कहा कि उन्होंने इसे अपनी सेना के साथ मिलकर अंजाम दिया है।
रूस का पलटवार: 24 घंटे में मार गिराए 1054 यूक्रेनी ड्रोन
दूसरी तरफ, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पिछले 24 घंटों में 1054 यूक्रेनी ड्रोन, 8 गाइडेड बम और 2 खतरनाक मिसाइलों को हवा में ही ढेर कर दिया। रूसी मंत्रालय के मुताबिक, उन्होंने यूक्रेन की बेहद आधुनिक ‘फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइल’ और ‘नेपच्यून-एमडी मिसाइल’ को भी रास्ते में ही रोक दिया। हालांकि, यूक्रेन ने इन मिसाइलों के इस्तेमाल पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है।













