विवेक हत्याकांड में बड़ा खुलासा : दूसरे सिपाही ने खोला गहरा राज़ ..

'मैंने प्रशांत को गाड़ी के पास जाने से रोका था'

लखनऊ।   एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर  विवेक तिवारी कांड में एसआईटी की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विवेक की हत्या के मुख्य आरोपी प्रशांत चौधरी के एसआईटी के सामने दिए गए बयानों के बाद, अब दूसरे आरोपी संदीप कुमार के बयान से इस केस में नया मोड़ आ गया है। संदीप ने एसआईटी अधिकारियों ने सामने कई गहरे राज खोले ..

संदीप ने एसआईटी अधिकारियों के सामने दिए अपने बयान में कहा

घटना वाली रात उसने प्रशांत को विवेक की गाड़ी के पास जाने से रोका था। इसके अलावा संदीप ने और कई बड़े खुलासे किए हैं। संदीप ने बताया, घटना वाली रात हम दोनों गश्त ड्यूटी पर थे। एसयूवी को देखकर प्रशांत उधर जाने लगा तो मैंने उसे मना किया लेकिन वो नहीं माना और गाड़ी के पास चला गया। इसी बीच विवेक तिवारी ने गाड़ी बैक की और वो आगे की ओर भागा, जिससे उसकी गाड़ी बाइक से टकरा गई। मैंने प्रशांत को पिस्टल निकालने से भी मना किया, लेकिन उसने पिस्टल निकाल ली। विवेक ने जब दोबारा गाड़ी बैक की तो प्रशांत ने गोली चला दी।

लिए जाएंगे इंस्पेक्टर और सीओ के बयान

बीते 28 सिंतबर की देर रात एप्पल फोन के लॉन्चिंग इवेंट से घर लौट रहे कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी को जिस वक्त गोली मारी गई थी, उस समय मुख्य आरोपी प्रशांत चौधरी के साथ सिपाही संदीप कुमार भी था। विवेक को चूंकि प्रशांत ने गोली मारी थी, इसलिए मुख्य आरोपी होने के कारण अभी तक केवल उसी के बयान सामने आए थे। अब संदीप के बयानों से इस केस में नई बातें सामने आई हैं। वहीं, आईजी सुजीत पांडे का कहना है कि तत्कालीन इंस्पेक्टर और सीओ के बयान भी लिए जाएंगे।

इससे पहले एसआईटी के सामने प्रशांत चौधरी ने अपने बयान दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके हाथ से गलती से गोली चल गई। प्रशांत ने बताया कि उसने केवल चेतावनी देने के लिए पिस्टल निकाली थी, लेकिन गलती से गोली चल गई। हालांकि इससे पहले घटना के अगले दिन प्रशांत ने मीडिया के सामने कहा था कि विवेक ने उसके ऊपर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की थी, इसलिए उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई। प्रशांत ने उसकी ओर से भी मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की थी।

प्रशांत ने एसआईटी के अधिकारियों को बताया कि गाड़ी की टक्कर से उसकी बाइक क्षतिग्रस्त हो गई थी, इसी वजह से वो गाड़ी का पीछा नहीं कर पाया। प्रशांत ने कहा कि घटना के बाद वो मौके से नहीं भागा था, बल्कि उसने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की सूचना दी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उससे थाने जाने के लिए कहा, जिसके बाद वो थाने आ गया। उसने बताया कि घटना के बाद उसने सबसे पहले अपने थाने के प्रभारी निरीक्षक को फोन कर मामले के बारे में बताया। प्रशांत के मुताबिक प्रभारी निरीक्षक ने पूरी बात सुनने के बाद यह कहकर फोन काट दिया कि वो इस वक्त थाने पर नहीं हैं और तुम नाइट अफसर को सूचना दो।

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