
नई दिल्ली : दिल्ली में कोरोना से हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं। रविवार को राजधानी में कोरोना के रेकॉर्ड 10,000 से ज्यादा नए मामले रिपोर्ट हुए हैं। सीएम केजरीवाल ने कहा कि चौथी लहर में कोरोना केस काफी तेजी से फैल रहा है और हालात चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अगर अस्पतालों में बिस्तर कम पड़े तो लॉकडाउन लगाने की नौबत आ सकती है।
दिल्ली सीएम ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले 24 घंटे में 10,732 ने कोरोना के केस सामन आए हैं। सीएम ने कहा, ‘ हालात काफी चिंताजनक है। कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा घर पर ही रहें। हम लॉकडाउन लगाना नहीं चाहते, लेकिन कल कुछ प्रतिबंध लगाने पड़े हैं। अगर अस्पतालों में बेड कम पड़ने लगेंगे तो लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है।’
केजरीवाल ने कहा कि वर्तमान में कोरोना की पीक पिछले साल नवंबर से भी खतरनाक है। उन्होंने आगे कहा, ‘इतनी तेजी से कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं, हम कोशिश कर रहे हैं कि दिल्ली के लोगों को बेहतरीन इलाज मिले। इसका इंतजाम हम कर रहे हैं।’ वैक्सीनेशन को लेकर एकबार केंद्र के फैसले पर केजरीवाल ने फिर सवाल उठाया। केजरीवाल ने कहा, ‘इस बार 65 फीसदी संक्रमित 45 साल से कम उम्र के हैं, वैक्सीनेशन को लेकर क्यों पाबंदियां लगाई गई हैं।
केजरीवाल ने कहा कि कई अस्पतालों में बेड नहीं मिलने की शिकायत मेरे पास आई है। बेड के लिए हमने पहले ऐप जारी किया था, उस ऐप की मदद से बेड चेककर अस्पताल जाएं। केजरीवाल ने लोगों से ज्यादा निजी अस्पतालों में भर्ती नहीं होने की अपील की, उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में बेड थोड़े कम होते हैं। लोग सरकारी अस्पतालों मेंकेरीवा जाएं, वो भी तब जब आपको जरूरत हो।













