विशेष अदालत से जेल पहुंचे दोनों आरोपी
भोपाल में सनसनी मचाने वाले ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की सख्ती के बाद अब आरोपियों के दिन सलाखों के पीछे कटने शुरू हो गए हैं। सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजे जाने के बाद मुख्य आरोपी और मृतका की सास गिरिबाला सिंह, जो कि खुद एक रिटायर्ड जज हैं, और उनके बेटे समर्थ सिंह को भोपाल सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। जेल प्रशासन ने दोनों को अपनी कस्टडी में लेते ही आधिकारिक तौर पर कैदी नंबर भी जारी कर दिए हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और मिला यह खास नंबर
जेल के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को अब जेल के भीतर ‘कैदी नंबर 71’ के नाम से जाना जाएगा। चूंकि गिरिबाला सिंह खुद एक सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी रही हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन बेहद गंभीर है। सुरक्षा कारणों और उनके पद की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें महिला बैरक में रखा गया है, जहां महिला प्रहरियों द्वारा उनकी विशेष निगरानी की जा रही है।
अस्पताल बैरक में रहेगा पति समर्थ सिंह
वहीं दूसरी ओर, ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह को जेल प्रशासन ने ‘कैदी नंबर 1782’ आवंटित किया है। समर्थ सिंह को सामान्य बैरक के बजाय जेल के बी-खंड स्थित अस्पताल बैरक में शिफ्ट किया गया है, जहां मेडिकल टीम और सुरक्षाकर्मी उस पर लगातार नजर रख रहे हैं।
16 जून तक सलाखों के पीछे कटेगी रातें
गौरतलब है कि इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी सीबीआई की टीम ने दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद विशेष अदालत के समक्ष पेश किया था। अदालत ने मामले की गंभीरता और सीबीआई की दलीलों को सुनने के बाद दोनों ही आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का फरमान सुनाया। अदालत के इसी कड़े रुख के बाद अब दोनों आरोपी आगामी 16 जून तक भोपाल सेंट्रल जेल की चाहरदीवारी में ही रहेंगे।
मामले में आगे क्या?
हाई-प्रोफाइल बैकग्राउंड होने के कारण यह मामला शुरुआत से ही मध्य प्रदेश सहित देश भर की सुर्खियों में बना हुआ है। एक रिटायर्ड जज और उनके बेटे की गिरफ्तारी के बाद अब सीबीआई इस केस से जुड़े अन्य तकनीकी और फॉरेंसिक सबूतों को जुटाने में लगी है। आने वाले दिनों में जेल के भीतर और बाहर इस मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।















