कानपुर: शहर के चमनगंज इलाके से एक बेहद घिनौनी हरकत और विकृत मानसिकता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बच्चों की परवरिश का सामान बेचने वाली दुकान चलाने वाले एक युवक ने रिश्तों को कलंकित करते हुए अपने ही परिवार की महिलाओं और मासूम बच्चियों की अश्लील क्लिपिंग बनाकर गूगल ड्राइव में छुपा रखी थीं। तकनीक की समझदारी और पुलिस की मुस्तैदी के चलते इस घिनौने खेल का पर्दाफाश हो गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर जब पुलिस ने उसका लैपटॉप खंगाला, तो वहां मौजूद आपत्तिजनक कंटेंट देखकर खुद पुलिस अफसरों के होश उड़ गए।
गूगल की ‘चुगली’ से खुला राज, ऐसे जाल में फंसा आरोपी
इस पूरे मामले का खुलासा गूगल की एडवांस सिक्योरिटी तकनीक के जरिए हुआ। जैसे ही आरोपी ने अपने परिवार की महिलाओं और बच्चियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो गूगल ड्राइव पर अपलोड किए, वैसे ही गूगल के सिस्टम ने इसे डिटेक्ट कर लिया। बच्चों से जुड़े इस गंभीर अपराध को देखते हुए गूगल ने तुरंत संबंधित जी-मेल आईडी को सस्पेंड कर दिया।
इसके बाद, गूगल ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के पोर्टल पर बाल यौन शोषण से जुड़ी इस संवेदनशील जानकारी को साझा कर कमिश्नरेट पुलिस को अलर्ट किया। पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए गूगल की टेक्निकल टीम से संपर्क साधा। आईपी एड्रेस (IP Address), डिवाइस आईडी, आईएमईआई (IMEI) नंबर और वायरलेस आईपी के जरिए आरोपी की सटीक लोकेशन ट्रेस कर ली गई और महज कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने चमनगंज से उसे धर दबोचा।
वॉशरूम में छिपाया था मोबाइल, 9 साल की चचेरी बहन को भी नहीं बख्शा
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह अपने ही घर के वॉशरूम में छिपकर मोबाइल कैमरे से खानदान की महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाता था। इस घिनौने कृत्य में उसने अपनी चाची, चचेरी बहन और भतीजी तक के रिश्ते का लिहाज नहीं किया।
इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी की गूगल ड्राइव से एक नौ साल की मासूम बच्ची का न्यूड वीडियो और अन्य नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ के वीडियो भी बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने अपनी नौ वर्षीय चचेरी बहन को बहला-फुसलाकर उसका न्यूड वीडियो बनाया था।
पोर्न इंडस्ट्री से कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस
पकड़े गए आरोपी की कुंडली खंगालने पर पता चला है कि पहले भी तीन बार उसके खिलाफ डर्टी पिक्चर से जुड़ी शिकायतें सामने आ चुकी थीं। आरोपी ने पुलिस के सामने दावा किया है कि उसने ये वीडियो और तस्वीरें सिर्फ अपने पास सुरक्षित रखी थीं और किसी को बेची नहीं हैं। हालांकि, पुलिस इस दावे को क्लीन चिट नहीं मान रही है। पुलिस और साइबर सेल इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या इन वीडियो को इंटरनेट पर अपलोड किया गया था या फिर किसी पोर्न इंडस्ट्री के साथ इसकी सौदेबाजी हुई थी। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत कई अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
क्या कहती हैं जिम्मेदार? “राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र (NCMEC) का पोर्टल लापता बच्चों की तलाश, बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों की पहचान और ऐसे घिनौने अपराधों को रोकने में सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी मदद करता है। इसी आधुनिक सिस्टम और त्वरित तकनीकी तालमेल के चलते इस बड़े मामले का समय रहते खुलासा संभव हो पाया है।” — अंजलि विश्वकर्मा, एडीसीपी










