
किशनगंज। सोनम रघुवंशी और मेरठ वाली मुस्कान… बॉयफ्रेंड के प्यार में अंधे होकर अपने ही सुहाग की बली चढ़ाने वाली कलयुगी पत्नियों की फेहरिस्त में अब बिहार के किशनगंज की डेजी परवीन का नाम भी जुड़ गया है। जिस पत्नी ने पति की बेरहमी से हत्या के बाद दो दिनों तक अन्न-जल त्याग दिया, जो पुलिस के सामने फूट-फूटकर रोती रही और कातिलों के लिए फांसी की मांग कर रही थी, वही पुलिस की कड़ाई से हुई जांच में अपने आशिक के साथ मिलकर पति की हत्या की मुख्य साजिशकर्ता निकली।
सोते समय लोहे की रॉड से कुचल दिया था सिर, बनाई थी चोरी की झूठी कहानी
यह सनसनीखेज मामला किशनगंज जिले के बिशनपुर थाना क्षेत्र के टंगटंगी गांव का है। यहां के निवासी रिजवान आलम की 4 जुलाई की रात घर में सोते समय लोहे की रॉड से सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद घर से मृतक और उसकी पत्नी के मोबाइल फोन भी गायब थे, जिससे शुरुआती तौर पर मामला चोरी के दौरान हुई हत्या का प्रतीत हो रहा था।
पति की मौत के बाद डेजी परवीन ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई। उसने बताया कि भीषण गर्मी के कारण रिजवान अक्सर दरवाजा खुला रखकर सोते थे, लेकिन उस रात दोनों दरवाजा बंद कर सोए थे। डेजी के मुताबिक, रात में किसी समय रिजवान ने खुद दरवाजा खोला होगा। बाद में जब वह बच्ची को उठाकर शौचालय ले जाने लगी और अपना मोबाइल ढूंढने लगी, तो फोन नहीं मिला। जैसे ही उसने बल्ब जलाया, पति को खून से लथपथ देखकर वह बेहोश हो गई। पत्नी के इस शातिर मातम और आंसुओं को देखकर गांव वाले भी झांसे में आ गए और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए हंगामा करने लगे।
कॉल रिकॉर्ड (CDR) ने खोला खौफनाक राज, बयानों में फंसी कातिल बीवी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ खुसरू शिराज के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। पुलिस ने जब वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की पड़ताल की, तो डेजी परवीन के बयानों में लगातार विरोधाभास मिलने लगा।
पुलिस का शक गहराते ही उन्होंने पड़ोस में रहने वाले अनवर हुसैन को हिरासत में लिया। जब पुलिस ने डेजी और अनवर को आमने-सामने बैठाकर कड़ाई से पूछताछ की, तो दोनों टूट गए और उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके बाद इस खौफनाक हत्याकांड का पूरा सच आईने की तरह साफ हो गया।
9 साल का अवैध संबंध और कुवैत से पति की वापसी बनी मौत का कारण
पुलिस जांच के अनुसार, मृतक रिजवान आलम रोजी-रोटी के सिलसिले में कुवैत में रहकर मेहनत मजदूरी करता था। पति के लंबे समय तक विदेश में रहने के दौरान उसकी पत्नी डेजी परवीन का गांव के ही अनवर हुसैन के साथ प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। दोनों के बीच पिछले नौ सालों से अवैध संबंध थे और इसकी दबी जुबान में चर्चा पूरे गांव में भी होती थी।
करीब दो महीने पहले ही रिजवान कुवैत से हमेशा के लिए अपने घर लौट आया था। रिजवान के आने के बाद डेजी और अनवर के मिलने-जुलने में बड़ी रुकावट खड़ी हो गई। इसी बीच रिजवान को भी अपनी पत्नी और अनवर के अवैध रिश्तों की भनक लग गई, जिसे लेकर घर में विवाद होने लगा। पुलिस का दावा है कि खुद को फंसता देख और अपने प्यार के बीच से रिजवान को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर इस खौफनाक मर्डर की प्लानिंग कर डाली।
आधी रात को खुला छोड़ा दरवाजा, गहरी नींद में सोते ही प्रेमी ने किया वार
पुलिस के मुताबिक, वारदात वाली रात जैसे ही रिजवान गहरी नींद में सोया, डेजी ने तुरंत फोन कर अपने प्रेमी अनवर को इसकी सूचना दी और घर का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया। सूचना मिलते ही अनवर हुसैन हाथ में लोहे की भारी रॉड लेकर घर में दाखिल हुआ और बिस्तर पर सो रहे रिजवान के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों ने चालाकी दिखाते हुए कमरे के सामान को अस्त-व्यस्त कर दिया ताकि पुलिस इसे चोरी या डकैती के दौरान हुई हत्या समझे। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने मृतक और पत्नी के मोबाइल फोन गायब कर दिए और हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड को भी छुपा दिया।
खून पसीने की कमाई से पत्नी के नाम खरीदी थी संपत्ति, उसी घर में मिला कत्ल
स्थानीय ग्रामीणों ने रोते हुए बताया कि रिजवान अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए कुवैत के तपते रेगिस्तान में दिन-रात खून-पसीना बहाता था। उसने अपनी पत्नी डेजी के नाम पर अलग से जमीन खरीदकर एक खूबसूरत मकान भी बनवाया था। वह विदेश से लगातार पैसे भेजता रहा, जिससे डेजी के नाम पर कई संपत्तियां खरीदी गईं। रिजवान को पूरा भरोसा था कि उसकी गैर-मौजूदगी में उसका परिवार सुरक्षित है, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस घर को उसने अपनी गाढ़ी कमाई से सींचा, उसी की चौखट पर उसकी पत्नी उसके खून की प्यासी बन जाएगी।
प्रभारी पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और गायब किए गए दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए हैं। दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।













