
– राजभवन बन चुके हैं चुनी हुई सरकारों को तंग करने वाले प्रतिनिधि : भगवंत मान
लखनऊ, 07 जून (हि.स.)। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविन्द केजरीवाल ने सपा मुख्यालय में एक प्रेसवार्ता के दौरान केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की फरवरी 2015 में दिल्ली में सरकार बनी। तीन माह बाद मोदी सरकार ने हमारी (चुनी हुई सरकार) की शक्तियों पर रोक लगा दी। कोई अधिकारी काम न करें, भ्रष्टाचार करें, बेलगाम अफसरशाही के खिलाफ कार्रवाई न कर सकें। इस तरह का आदेश दिल्ली की सरकार को लेकर एक नोटीफिकेशन डालकर रोक लगा दी गई। उसके बाद भी हमारी आप पार्टी ने खूब काम किया और फिर चुनाव लड़कर बहुमत की सरकार बनी।
यह बातें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सपा मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए बुधवार को कही।
केजरीवाल ने भाजपा की केन्द्र सरकार पर जनकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आठ साल की कोर्ट की लड़ाई के बाद 11 मई को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि सारी शक्तियां चुनी हुई सरकार के पास होनी चाहिए। आफसरशाही पर लगाम लगाने की शक्ति सरकार के पास होनी चाहिए, ये संविधान के खिलाफ है। इस फैसले और दिल्ली के लोगों को अधिकार दिलाने के लिए हमें आठ साल लगे, लेकिन प्रधानमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को केवल अगले आठ दिनों में पलट दिया। उन्होंने 19 मई को उस आदेश पर एक अध्यादेश जारी कर रोक लगा दी। यह अध्यादेश जब संसद में आएगा तो लोकसभा में भाजपा को पूर्ण बहुमत के चलते समर्थन मिल जाएगा, लेकिन राज्यसभा में उनकी संख्या पूरी नहीं हैं। इस अध्यादेश को सभी विपक्षी दल मिलकर गिरा सकते हैं। यह आदेश गिरा दिया गया तो यह मान लीजिए कि आने वाले लोकसभा चुनाव का सेमीफाइल पूरा हो गया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यसभा में इनका अध्यादेश हार जाता है तो पूरे देश में इसका बड़ा असर देखने को मिलेगा और मोदी सरकार फिर नहीं आएगी। इस पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात हुई है और उन्होंने भरोसा जताया है कि अध्यादेश का हम सब विपक्षी दल के नेता विरोध करेंगे।
राजभवन बन गए हैं भाजपा के प्रतिनिधि
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ये लड़ाई सिर्फ दिल्ली के लोगों की नहीं है, ये लड़ाई देश की 1.40 करोड़ जनता की है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश में वैसे तो लोकतंत्र की दुहाई देती है लेकिन यहां अध्यादेश लगाकर चुनी हुई सरकारों पर कुल्हाड़ी चलाई जाती है।
भगवंत मान ने कहा कि अगर भाजपा की सरकार चुनाव से न बने तो यह लोग उपचुनाव से सरकार बना लेते हैं। उनके 30-40 लोगों को खरीद कर सरकार गिरा देते हैं। चुनी हुई सरकारों को अगर राज्यपाल द्वारा एक-दो दिन में तंग नहीं किया गया तो फिर कहा जाता है कि आपको वहां किस लिए भेजा गया है। चुनी हुई सरकार को तंग क्यों नहीं कर रहे हो। उन्होंने कहा कि देश को इलेक्टेट और सिलेक्टेड लोगों को तय करना है। दिल्ली में देश के हर हिस्से से आने वाले लोग रहते हैं। इसलिए दिल्ली और देश के प्रत्येक नागरिक के हक की लड़ाई में साथ आना होगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा भगवंत मान ने कहा कि देश के राजभवन भाजपा के प्रतिनिधि बनकर रहे गए हैं। केन्द्रीय सरकार चुनी हुई सरकारों का अधिकार छीनने का काम कर रही है। योजनाओं से जुड़े धनराशि को रोका जा रहा है ताकि सरकारें काम न कर सके। सपा के नेता जेपी आंदोलन से जुड़े लोग हैं। आप की लड़ाई में वह हमारे साथ है और लोकतंत्र को बचाने और जनता का हक दिलाने के लिए हम सभी साथ हैं।
इससे पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से पार्टी मुख्यालय पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान दोनों ही नेताओं के बीच लोकसभा चुनाव को लेकर बातचीत की। दोनों ही पार्टियों ने भाजपा की मोदी सरकार को रोकने के लिए रणनीति पर चर्चा की। सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश में दोनों ही पार्टी एकसाथ लोकसभा चुनाव में उतर सकती हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव, नरेश उत्तम पटेल, आप सांसद संजय सिंह, आतिशी समेत कई नेतागण मौजूद रहे।














