
ठाणे। देश में अभी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘NEET’ के प्रश्नपत्र लीक को लेकर मचा महासंग्राम पूरी तरह थमा भी नहीं था कि अब महाराष्ट्र के ठाणे से शिक्षा जगत को हिला देने वाली एक और बड़ी सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET (Teacher Eligibility Test) का पेपर परीक्षा से ठीक पहले लीक हो चुका है, जिससे पूरे सूबे में हड़कंप मच गया है। खुफिया जानकारी के बाद एक्शन में आई पुलिस ने जब छापेमारी की, तो परीक्षा से 24 घंटे पहले ही प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि हो गई। इस महा-लापरवाही के सामने आते ही महाराष्ट्र की सियासत का पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है और विपक्षी दल महायुति सरकार पर हमलावर हो गए हैं। शिवसेना (यूबीटी) के कद्दावर नेता और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने इस मुद्दे को लेकर सीधे मुख्यमंत्री और सरकार की नीयत पर तीखे बाण चलाए हैं।
अंबादास दानवे ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि जो सरकार ‘गुड गवर्नेंस’ और सुशासन के बड़े-बड़े दावे करती है, वह युवाओं की भविष्य तय करने वाली एक TET परीक्षा का पेपर तक सुरक्षित नहीं रख पा रही है।” उन्होंने याद दिलाया कि नीट परीक्षा के भी तमाम प्रमुख केंद्र महाराष्ट्र में हैं और देश में लगातार हो रही इन घटनाओं से साफ है कि जमीनी हकीकत दावों से कोसों दूर और डरावनी है।
सोमवार को विधानसभा में मचेगा घमासान, विपक्ष ने कसी कमर
शिवसेना (यूबीटी) के नेता अंबादास दानवे यहीं नहीं रुके, उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले में देश भर में कई लोगों को सलाखों के पीछे भेजने के बावजूद इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। उन्होंने सीधा सवाल दागते हुए कहा कि परीक्षाओं में लगातार हो रही इस तरह की सेंधमारी से साफ पता चलता है कि कहीं न कहीं व्यवस्था में बैठे सफेदपोशों और सरकार की भूमिका या उन्हें मिला संरक्षण इस पूरे खेल के पीछे काम कर रहा है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि विपक्ष इस गंभीर मुद्दे को विधानसभा के वर्तमान मानसून सत्र में पूरी ताकत से उठाएगा। उन्होंने कहा, “आज शनिवार है और प्रशासन इस बात को नोट कर ले कि सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही इस विषय पर सरकार से सीधे जवाब मांगा जाएगा और चर्चा की जाएगी।”
भिवंडी में पुलिस की आधी रात को बड़ी रेड, 3 आरोपी दबोचे गए
इस बीच, ठाणे जिले के भिवंडी इलाके से बड़ी खबर है, जहां पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पेपर लीक करने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी और कामयाब कार्रवाई को अंजाम दिया है। भिवंडी के कोनगांव पुलिस थाना क्षेत्र में खुफिया तंत्र से मिली पुख्ता सूचना के बाद पुलिस ने जाल बिछाया और छापेमारी के दौरान 3 संदिग्धों को रंगे हाथों हिरासत में ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भिवंडी के कोनगांव पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रहे हैं ताकि इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचा जा सके और यह पता लगाया जा सके कि इस खेल के पीछे कौन से बड़े चेहरे और मास्टरमाइंड छिपे हैं। पुलिस लगातार छापेमारी कर इस रैकेट से जुड़े अन्य संदिग्धों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
रोहिणी खडसे का सीधा वार— ‘नेताओं को तोड़ने में जुटी है सरकार, छात्रों की किसे परवाह?’
टीईटी परीक्षा के इस महा-लीक कांड को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) की महिला प्रदेश अध्यक्ष रोहिणी खडसे ने भी राज्य सरकार की तीखी आलोचना करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। रोहिणी खडसे ने गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक सरकारी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है, बल्कि राज्य के लाखों गरीब और होनहार उम्मीदवारों के सपनों और उनके सुनहरे भविष्य के साथ भद्दा खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने कहा, “पहले नीट का पेपर लीक हुआ, तो जनता के गुस्से को शांत करने के लिए एक्शन कमेटी बिठाने का सिर्फ एक नाटक रचा गया, लेकिन आज तक किसी भी बड़े दोषी को सलाखों के पीछे भेजकर सख्त सजा नहीं दी गई।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज राज्य सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ दूसरी पार्टियों के नेताओं को तोड़ने और अपनी कुर्सी बचाने में लगा है, जबकि राज्य के होनहार छात्र नीट और टीईटी जैसी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से सड़कों पर आ गए हैं, सरकार को युवाओं के भविष्य की रत्ती भर भी परवाह नहीं है।
4 लाख उम्मीदवारों को लगा तगड़ा झटका, एमएससीई ने परीक्षा की रद्द
गौरतलब है कि महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA TET) का आयोजन रविवार 28 जून 2026 को पूरे राज्य में होना तय हुआ था। इस परीक्षा में राज्य भर से लगभग 4 लाख से अधिक डीएड और बीएड पास उम्मीदवार शिक्षक बनने का सपना लेकर शामिल होने वाले थे। लेकिन परीक्षा शुरू होने से महज 24 घंटे पहले ही भिवंडी में प्रश्नपत्र के सवाल लीक हो जाने की वजह से महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE), पुणे को तुरंत आपातकालीन बैठक बुलानी पड़ी और साख बचाने के लिए परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का बड़ा फैसला लेना पड़ा। एमएससीई (MSCE) के अधिकारियों के मुताबिक, टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) 2026 परीक्षा को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। यह परीक्षा पूरे महाराष्ट्र राज्य के 1,028 निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की जानी थी, लेकिन ऐन वक्त पर हुए इस खुलासे ने एक बार फिर पूरी परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।














