‘ईरान की परमाणु क्षमता पूरी तरह तबाह’: अमेरिकी हमलों का बचाव करते हुए बोले डोनाल्ड ट्रंप, सऊदी से कर्मचारियों को निकलने का आदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई का जोरदार बचाव करते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि हालिया अमेरिकी हमलों ने ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति देना पूरे विश्व के लिए एक बड़ा और गंभीर खतरा साबित हो सकता था, इसलिए किसी संभावित बड़े परमाणु संघर्ष को रोकने के लिए समय रहते पहले ही सैन्य कदम उठाना बेहद जरूरी था।

मिशिगन रैली में बोले ट्रंप: ‘कल्पना से भी ज्यादा हुआ नुकसान’

मिशिगन में एक चुनावी रैली को संबोधित करने से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “यदि आप सिर्फ ऊर्जा संकट ही नहीं, बल्कि भारी तबाही और मौत देखना चाहते हैं, तो ईरान को परमाणु हथियार रखने दीजिए, क्योंकि वे उसका इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे। मुझे यह सख्त कार्रवाई समय रहते करनी ही थी। जब हमने हमला किया, तब मुझे स्पष्ट हो गया था कि हमने उनकी परमाणु क्षमताओं को बुरी तरह तबाह कर दिया है। यह नुकसान किसी की भी कल्पना से कहीं ज्यादा था और अब उनकी क्षमता पूरी तरह खत्म हो चुकी है।”

होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल परिवहन पर अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा दावा

वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंकाओं को खारिज करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से अब युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले अधिक तेल का परिवहन हो रहा है। उन्होंने इसका पूरा श्रेय अमेरिकी नौसेना की प्रभावी नाकेबंदी और सैन्य अभियानों को दिया।

ट्रंप ने कहा, “मुझे अंदाजा था कि कार्रवाई से शुरुआत में कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी होगी। लेकिन वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज से निकलने वाला तेल अब युद्ध से पहले के स्तर को भी पार कर गया है। हमारी नौसेना ने वहां शानदार समुद्री नाकेबंदी की है, जिसके चलते इस समय वहां से पहले से भी ज्यादा तेल का सुरक्षित निर्यात हो रहा है।”

ईरान की दोटूक चेतावनी: ‘युद्ध हो या न हो, नीतियां नहीं बदलेंगी’

अमेरिका के आक्रामक बयानों के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि भविष्य में युद्ध होता है या नहीं, इससे तेहरान की विदेश और रक्षा नीतियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए (ISNA) के अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ दोबारा कोई भी सैन्य दुस्साहस करना पूरी तरह तर्कहीन होगा। अराघची ने कहा, “आज फिर से युद्ध की बातें की जा रही हैं। स्थिति चाहे जो भी हो—युद्ध हो या न हो, ईरान की बुनियादी नीतियां अपनी जगह पूरी तरह कायम रहेंगी।”

सुरक्षा जोखिमों के बीच सऊदी अरब से गैर-आपातकालीन अमेरिकी कर्मचारियों को हटने के निर्देश

सऊदी अरब में बढ़ते मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद अमेरिका ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब स्थित अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों (Non-Emergency Government Employees) और उनके पात्र परिवार के सदस्यों को तुरंत देश छोड़ने का आदेश दिया है। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास के अनुसार, यह फैसला नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के ताबड़तोड़ हमलों से पैदा हुए गंभीर सुरक्षा खतरों को देखते हुए लिया गया है।

यह घोषणा हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के उस दावे के ठीक बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि संगठन ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ-साथ सऊदी अरब के प्रमुख ऊर्जा प्रतिष्ठानों, तेल रिफाइनरियों, विमानन और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। सऊदी अरब में अमेरिकी मिशन ने एक सुरक्षा अलर्ट जारी कर चेतावनी दी है कि सीमा पार से हो रही इन शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के कारण क्षेत्र में तनाव और अधिक गहरा सकता है।

 

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