लव जेहाद के खिलाफ अध्यादेश लाने की तैयारी में योगी सरकार

लखनऊ. लव जिहाद (Love Jihad) की ‘दुकान’ पर अब जल्द ही ‘कानून’ का ताला लगने वाला है। योगी सरकार जल्द ही इसके खिलाफ अध्यादेश (Ordinance) लाने वाली है। जिसके बाद धर्म बदलवाकर शादी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। यूपी में हाल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें यवतियों का उत्पीड़न हुआ है। कानपुर, मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर, नोएडा, बुलंदशहर, बदायूं और सहारनपुर में ‘लव जेहाद’ के मामले बढ़े हैं। इसकी रोकथाम के लिए सरकार ने कमर कस ली है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इस सिलसिले में अन्य सात राज्यों में पहले से ही लागू इस अधिनियमों का यूपी सरकार परीक्षण कर रही है। इसी तर्ज पर नया अध्यादेश आयेगा। ओडीशा, अरूणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड व झारखंड में फिलहाल धर्मांतरण विरोधी कानून लागू है। 

कानपुर में 21 दिन में आए 12 मामले-

योगी सरकार ने नये कानून को अमल में लाने की दिशा में गंभीरता से विचार किया है। अकेले कानपुर में 21 दिन में लवजिहाद के 12 मामले पुलिस के पास आ चुके हैं। हाल ही में जब भागवत कानपुर और लखनऊ दौरे पर आये थे तब उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किये थे। धर्मांतरण विरोधी कानून को लेकर कई राज्यों में गंभीर मंथन जारी है। 

ओडीशा में सबसे पहले लागू हुआ था कानून-

देश में ओडीशा पहला राज्य है जिसने यह कानून 1967 में लागू किया था। जिसके अगले साल 1968 में मध्यप्रदेश में इसका अनुसरण किया। सूत्रों ने बताया कि राज्य विधि आयोग ने पिछले साल धर्मान्तरण जैसे गंभीर मसले पर नया कानून बनाने की सिफारिश की थी। आयोग का मत है कि मौजूदा कानूनी प्रावधान धर्मान्तरण रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं और इस गंभीर मसले पर दस अन्य राज्यों की तरह नये कानून की आवश्यकता है।

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