
चीन के प्रमुख सरकारी समाचार पत्र ‘पीपुल्स डेली’ ने अपनी ताजा टिप्पणी में स्पष्ट किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीक किसी भी एक महाशक्ति की “एकाधिकार वाली संपत्ति” नहीं है। अखबार ने अमेरिका से अपील की है कि दोनों देशों को प्रतिस्पर्धा के बजाय एकजुट होकर एआई से उत्पन्न संभावित खतरों को नियंत्रित करना चाहिए और एक निष्पक्ष, गैर-भेदभावपूर्ण वैश्विक माहौल का निर्माण करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अगले सप्ताह अमेरिका और चीन के बीच होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता में एआई नीतियां एक प्रमुख एजेंडा रहने वाली हैं।
वैश्विक बढ़त और आरोपों के बीच बढ़ता तनाव
वर्तमान में अमेरिका और चीन एआई तकनीक की दौड़ में दुनिया के दो सबसे बड़े और अग्रणी देश हैं। हालांकि, इसके नियामक ढांचे और व्यापारिक नीतियों को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार तनातनी बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में अमेरिकी प्रशासन ने चीन पर आरोप लगाया था कि उसने अमेरिकी एआई कंपनियों की गोपनीय तकनीकों और डेटा की बड़े पैमाने पर चोरी की है।
ओपन सोर्स मॉडल और मानव कल्याण पर जोर
पीपुल्स डेली में ‘झोंग शेंग’ (जिसका अर्थ “चीन की आवाज” है और यह कम्युनिस्ट पार्टी का आधिकारिक विदेश नीति दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है) नाम से प्रकाशित टिप्पणी में चीन का पक्ष रखा गया। लेख के अनुसार:
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चीन खुलेपन और ओपन सोर्स मॉडल को बढ़ावा देने में विश्वास रखता है।
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चीन अपनी एआई तकनीक को अमेरिकी कंपनियों सहित वैश्विक समुदाय के लिए सुलभ बना रहा है।
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एआई को जियोपॉलीटिकल होड़ या ‘शून्य-योग’ (जीत-हार) के खेल के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
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इस तकनीक का प्राथमिक उद्देश्य पूरी मानवता का कल्याण और सामूहिक विकास होना चाहिए।















‘AI किसी महाशक्ति की जागीर नहीं’… चीन के सरकारी अखबार ने अमेरिका से मिलकर की जोखिम घटाने की अपील