गोरखपुर : स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों व नर्सिंग होमों पर डाला छापा

अवैध रूप से संचालित पैथालाजि, अल्ट्रासाउंड मशीन सीज

आयुर्वेदिक के रजिस्ट्रेशन पर चल रहा था एलोपैथिक इलाज

गोपाल त्रिपाठी

गोरखपुर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को जनपद के बडहलगंज कस्बा स्थित आधा दर्जन से अधिक अस्पतालों व नर्सिंग होमों पर छापेमारी की। अभियान की भनक मिलते ही कई अस्पतालों के संचालक ताला बंद कर फरार हो गए। वहीं टीम ने छापेमारी के दौरान अवैध रूप से चल रहे अल्ट्रासाउंड व पैथालाजि सेंटर को सीज किया।

  आयुक्त गोरखपुर के निर्देश पर जेडी डा एके चैधरी, एडिशनल सीएमओ डा एके प्रसाद, डा उदयभान सिंह यादव, एके चैधरी व सुधांशु श्रीवास्तव की टीम ने स्थानीय पुलिस बल के साथ दो भाग में बंट कर उपनगर के अस्पतालों व नर्सिंग होम पर छापेमारी की। बाईपास रोड स्थित मानव सेवा हास्पिटल का रजिस्ट्रेशन आयुष का था मगर मरीजों का इलाज एलोपैथिक विधि से किया जा रहा था।

 टीम ने यहां के पैथोलाजी व एनआईसीयू को सील कर दिया। दूसरी टीम बाईपास रोड पर ही स्थित चंद्रा हास्पिटल पर पहुची जहां ओपीडी में तीन दर्जन मरीज लाइन में लगे थे। यहा जिस चिकित्सक के नाम पर रजिस्ट्रेशन था उनकी जगह ओपीडी में दूसरे चिकित्सक मरीज देख रहे थे। ओटी की स्थिति बेहद खराब थी। अल्ट्रासाउण्ड मशीन का रजिस्ट्रेशन नही मिला। टीम ने ओटी व अल्ट्रासाउण्ड मशीन सीज कर दिया। जनसेवा हास्पिटल की जांच में सब कुछ ठीक तो पाया गया मगर स्टाफ की कमी पाई गई। टीम का नेतृत्व कर रहे जेडी चैधरी व एडिशनल सीएमओ डा प्रसाद ने कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन व बिना विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहारे चल रहे अवैध हास्पिटलों पर कार्रवाही की जायेगी।

छापेमारी के बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में

बीते पांच सितंबर को एसडीएम गोला के नेतृत्व में स्वास्थ विभाग की टीम ने पटना तिराहा स्थित ओंकार हास्पिटल पर छापेमारी की थी। इस दौरान अल्ट्रासाउण्ड मशीन, ओटी आदि सीज कर दी गई। साथ ही अस्पताल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा कर नर्सिंग होम को भी सीज करने की बात कही गई मगर बाद में सब कुछ ठंडे बस्ते के हवाले हो गया। न तो अस्पताल सीज हुआ और न ही प्राथमिकी दर्ज हुई। जिसके बाद जांच टीम पर सवाल उठने शुरू हो गए।

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