
अमेरिका और ईरान के बीच चले 6 महीने के भीषण सैन्य संघर्ष को लेकर पेंटागन के महानिरीक्षक (Inspector General) की एक रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से 30 जून के बीच चले इस युद्ध में अमेरिका को 33.4 अरब डॉलर (लगभग 3.21 लाख करोड़ रुपये) का भारी वित्तीय और सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है। इस रिपोर्ट ने अमेरिकी सेना के सामरिक भंडार की कमी और रक्षा उत्पादन में आ रही बाधाओं को उजागर कर दिया है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों के विपरीत है जिसमें उन्होंने अमेरिका के पास असीमित गोला-बारूद होने की बात कही थी।
22 अरब डॉलर के मिसाइल और गोला-बारूद का इस्तेमाल, 11 अमेरिकी सैनिकों ने गंवाई जान
पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा यानी 22 अरब डॉलर केवल इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद और अत्याधुनिक मिसाइलों पर खर्च हुआ। इसके अतिरिक्त, 3.7 अरब डॉलर के सैन्य उपकरण नष्ट हुए और 7.4 अरब डॉलर अन्य संबंधित अभियानों में व्यय हुए।
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सैनिकों की क्षति: इस युद्ध के दौरान 11 अमेरिकी सैनिक सीधे सैन्य कार्रवाई में मारे गए, जबकि 7 अन्य की गैर-युद्ध घटनाओं में मौत हुई। इसके अलावा 30 जून तक लगभग 417 अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए।
F-15E, F-35A और 30 रीपर ड्रोन स्वाहा: अमेरिकी वायुसेना को बड़ा नुकसान
ईरानी हमलों और कॉम्बैट ऑपरेशन्स के दौरान अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के कई प्रमुख युद्धक विमान और अत्याधुनिक ड्रोन नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं:
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F-15E फाइटर जेट्स: कम से कम 4 F-15E फाइटर जेट नष्ट हुए (जिनमें से 3 कुवैत के ऊपर फ्रेंडली फायर में दुर्घटनाग्रस्त हुए और 1 ईरान के ऊपर मार गिराया गया)।
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F-35A स्टील्थ फाइटर: मार्च महीने में ईरानी गोलीबारी से 1 F-35A स्टील्थ फाइटर क्षतिग्रस्त हुआ।
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A-10 व हेलीकॉप्टर: 1 A-10 ग्राउंड-अटैक विमान, 1 HH-60W, 1 AH-64 अपाचे और 4 AH-6 हेलीकॉप्टर नष्ट हुए।
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टैंकर व AWACS: 7 KC-135 एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर और सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर 1 E-3 सेंट्री (AWACS) विमान क्षतिग्रस्त हुआ।
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ड्रोन का नुकसान: लगभग 30 MQ-9 रीपर ड्रोन और 1 MQ-4C ट्राइटन निगरानी विमान नष्ट हुआ।
खाड़ी देशों में सैकड़ों अमेरिकी सैन्य ठिकाने प्रभावित, सप्लाई चेन ठप
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान के हमलों से खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में स्थित सैकड़ों अमेरिकी सैन्य परिसरों को नुकसान पहुंचा। कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में स्थित ठिकाने सीधे प्रभावित हुए। डिएगो गार्सिया से लॉजिस्टिक्स शिफ्ट किए जाने के कारण अमेरिकी नौसेना का आपूर्ति चक्र बढ़कर 14 से 18 दिनों का हो गया था।
दूतावासों पर 600 से अधिक हमले, 184 मिलियन डॉलर का भौतिक नुकसान
ईरानी हमलों का असर अमेरिकी राजनयिक परिसरों पर भी व्यापक रूप से पड़ा:
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इराक, कुवैत, सऊदी अरब और यूएई में अमेरिकी दूतावासों को कुल 184 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।
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बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास और एरबिल वाणिज्य दूतावास पर जून के अंत तक 600 से अधिक हमले दर्ज किए गए, जिससे 157 मिलियन डॉलर की क्षति हुई।
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5 मार्च को सुरक्षा कारणों से कुवैत सिटी का दूतावास बंद करना पड़ा, जबकि रियाद और दुबई स्थित अमेरिकी परिसरों पर भी ड्रोन हमले हुए।
ईरान के विदेश मंत्री का तंज: “यह तो सिर्फ शुरुआत है”
पेंटागन की यह गोपनीय रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिकी नुकसान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पेंटागन की यह रिपोर्ट खुद साबित करती है कि अमेरिका के दर्जनों विमान और सैकड़ों सैन्य ठिकाने तबाह हो चुके हैं। अराघची ने दावा किया कि यह आंकड़े तो सिर्फ शुरुआत हैं और ईरान जल्द ही इससे जुड़े और साक्ष्य व विवरण दुनिया के सामने रखेगा।















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