
लखनऊ/जामों-अमेठी(शीतला प्रसाद मिश्र) । घर के पानी की निकासी के विवाद में मारपीट, पंचायत में समझौता औऱ एक दूसरे के खिलाफ लिखाये गये एफआईआर में अंतिम रिपोर्ट लगाए जाने के लिए दोनों पक्षों की ओर से शपथ पत्र देने के बाद गुड़िया औऱ उसकी मां साफिया के वादे से मुकर जाने के बाद विपक्षी अर्जुन गुप्ता को जेल भिजवाने की जिद में गुड़िया को अपनी मां की जिंदगी से हाथ धोना पड़ा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय लोक भवन लखनऊ के सामने आत्मदाह करने वाली साफिया ने मंगलवार की रात 11 बजे लखनऊ के सिविल अस्पताल में दुनिया को अलविदा कह दिया। मंगलवार की रात में ही साफिया का बेटा इस्लाम सऊदी अरब से लखनऊ आ गया था। लखनऊ में मा के मरने के बाद गुड़िया एक बार फिर रौद्र रूप में आई औऱ उसने अस्पताल से शव लेने के लिए इनकार कर दिया। गुड़िया प्रदेश के डीजीपी औऱ मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग करने लगी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस लाश का पोस्टमार्टम कराने में सफल हो पाई। पोस्टमार्टम के बाद भी गुड़िया लाश को उठाने पर अड़ी रही। ब्लॉक प्रमुख जामों चौधरी नफीस अहमद के समझाने बुझाने के बाद बुधवार की दोपहर लगभग दो बजे शव लेकर लखनऊ से चली गुड़िया लगभग पौने पाँच बजे जामों पहुँची। जामों पहुँचते ही वह एक बार फिर पुलिस पर अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक औऱ अपर पुलिस अधीक्षक पर एफआईआर दर्ज करने व लखनऊ की आत्मदाह की घटना के साजिश में बंद भाभी आशमा व भाई के बेटे सुल्तान को रिहा कर जामों लाने की मांग करने लगी। मौके पर मौजूद अपर जिलाधिकारी बंदिता श्रीवास्तव व महात्मा सिंह उपजिलाधिकारी गौरीगंज को गुड़िया को समझाने में पसीने छूट गए। वह अपने आगे किसी की सुनने को तैयार नहीं थी। लगभग दो घंटे के हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद अपर जिलाधिकारी, ब्लॉक प्रमुख जामों व गांव के लोगों के समझाने बुझाने के बाद उसके भाई इस्लाम व गुड़िया लगभग पौने सात बजे दफनाने के लिए राजी हुए औऱ धार्मिक रिवाज के मुताबिक साफिया को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी गौरीगंज अर्पित कपूर के जिले के कई थानों के प्रभारी व भारी पुलिस बल मौजूद रहा।Attachments ar











