पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय अपने सबसे ऐतिहासिक और उफान भरे मोड़ पर है। सालों के इंतजार और कड़े संघर्ष के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने की आहट के बीच आज, 8 मई को विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में तय होगा कि बंगाल की सत्ता का भविष्य किस नेता के हाथों में सुरक्षित होगा। 4 मई को आए चुनावी नतीजों के बाद से ही राज्य में सियासी पारा सातवें आसमान पर है।
प्रचंड जीत के बाद ‘मुख्यमंत्री’ के नाम पर सस्पेंस
भाजपा की 207 सीटों पर दर्ज की गई ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राज्य की कमान कौन संभालेगा? हालांकि, पार्टी आलाकमान ने अभी तक किसी चेहरे पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है, लेकिन आज होने वाली विधायक दल की बैठक में नेता का चयन कर लिया जाएगा।
शपथ ग्रहण की तैयारी:
राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के अनुसार, नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जा सकता है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई हैं।
हावड़ा में खूनी संघर्ष: जीत के जश्न में बमबाजी
एक तरफ जहां सत्ता परिवर्तन की खुशी है, वहीं दूसरी ओर हिंसा का साया अभी भी बरकरार है। हावड़ा के शिवपुर इलाके में भाजपा की जीत के जश्न के दौरान टीएमसी और भाजपा समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। आरोप है कि इस दौरान जमकर बमबाजी और फायरिंग हुई, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। पुलिस कमिश्नर अखिलेश चतुर्वेदी ने बताया कि भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है।
चंद्रनाथ रथ की हत्या से भाजपा आक्रोशित
राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर तनाव तब और बढ़ गया जब पूर्व वायुसेना अधिकारी और शुभेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक सवार हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने इसे ‘कोल्ड-ब्लडेड मर्डर’ करार दिया है। भाजपा सांसद खगेन मुर्मू और जगन्नाथ सरकार ने इस हत्या को गहरी राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि बंगाल में “खून की राजनीति” को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सत्ता परिवर्तन: राज्यपाल ने भंग की विधानसभा
पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन की संवैधानिक प्रक्रिया भी तेज हो गई है। राज्यपाल आर.एन. रवि ने 7 मई से प्रभावी आदेश जारी कर पुरानी विधानसभा को भंग कर दिया है। इसके साथ ही नई सरकार के शपथ लेने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
भाजपा नेता दिलीप घोष ने पुलिस प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर पुलिस निष्पक्ष होती तो हिंसा की इन घटनाओं को रोका जा सकता था। फिलहाल, पूरे बंगाल की निगाहें आज होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां से बंगाल के नए ‘भाग्यविधाता’ के नाम का ऐलान होगा।
















